नई व्यवस्था के तहत सभी स्नातकोत्तर डिग्री एवं डिप्लोमा, एलएलबी, एमटीटीएम, बीएचएम, एमटेक समेत अन्य कोर्सों के विद्यार्थियों को राहत दी गई है। यह छूट राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत आने वाले बीएचएम कोर्स को छोड़कर लागू होगी। विश्वविद्यालय ने विषम सेमेस्टर के नियमित और पुनर्मूल्यांकन परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों के साथ सम सेमेस्टर के पुनर्मूल्यांकन परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों को भी इस समयावधि में शामिल किया है। इसके अलावा विश्वविद्यालय के दूरवर्ती शिक्षा एवं मुक्त अध्ययन केंद्र (सीडीओई) के जनवरी सत्र के स्नातकोत्तर डिग्री और डिप्लोमा कोर्सों के विद्यार्थियों को भी इसका लाभ मिलेगा।
सीडीओई के जनवरी सत्र में सम सेमेस्टर के नियमित और पुनर्मूल्यांकन और विषम सेमेस्टर के पुनर्मूल्यांकन परीक्षार्थियों के लिए भी अंतिम तिथि बढ़ाई गई है। ऐसे विद्यार्थी अब 12 नवंबर तक बिना विलंब शुल्क परीक्षा फार्म जमा करवा सकेंगे। विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि निर्धारित तिथि के बाद परीक्षा फार्म जमा करवाने पर विश्वविद्यालय के नियमों के अनुसार विलंब शुल्क वसूला जाएगा।
12 नवंबर के बाद लगेगा विलंब शुल्क
विश्वविद्यालय ने परीक्षा फार्म जमा करवाने के लिए 12 नवंबर को अंतिम तिथि निर्धारित किया है। इसके बाद बिना विलंब शुल्क फार्म स्वीकार नहीं किए जाएंगे। निर्धारित समयसीमा के बाद आवेदन करने वाले विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय के प्रचलित नियमों के अनुसार विलंब शुल्क देना होगा। परीक्षा नियंत्रक की ओर से जारी अधिसूचना को विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध करवाने के निर्देश भी दिए गए हैं।