प्रदेश विश्वविद्यालय में रूसा सीबीसीएस के यूजी कोर्स की दूसरे और चौथे सत्र की परीक्षाओं के अब तक ऑनलाइन सिर्फ बीस फीसदी अवार्ड ही एंटर हो पाए हैं। प्रदेश भर के कॉलेजों में दो बैच के करीब 65 हजार छात्रों को दूसरे और चौथे सत्र के परिणाम के लिए और इंतजार करना पड़ सकता है।
यूजी और पीजी कोर्स की सेमेस्टर परीक्षाओं में उलझे विश्वविद्यालय को इससे मुक्त होकर अब इन अटके परीक्षा परिणामों को निकालने के लिए कसरत करनी पड़ेगी। परीक्षा ड्यूटी में कॉलेजों की व्यस्तता के चलते 15 दिसंबर तक अवार्ड एंट्री को दी गई समय सीमा पूरी होने के बावजूद कॉलेजों से छात्रों की इंटरनल असेसमेंट और मूल्यांकन केंद्रों से सेमेस्टर की परीक्षाओं की अवार्ड एंट्री नहीं हो पाई है।
अभी तक महज 20 से 25 फीसदी ही अवार्ड एंटर हुए है। यदि यह परीक्षा परिणाम समय से न निकला तो इसका असर नवंबर दिसंबर 2015 में हुई यूजी परीक्षाओं के परिणाम पर भी पड़ सकता है। रूसा सीबीसीएस के पहले बैच की पांचवें सेमेस्टर की परीक्षा हो चुकी है।
जो परिणाम अब तक निकाले है, वे सही अवार्ड एंट्री और अधूरी आनलाइन सूचनाओं के चलते अधूरे है। विश्वविद्यालय को हर हाल में छठे सेमेस्टर की कक्षाएं शुरू होने से पहले ही पिछले पांचों सेमेस्टर की परीक्षाओं के परिणाम घोषित करने पड़ेंगे।
कॉलेजों में 31 दिसंबर तक चलने वाली परीक्षाओं के बाद 31 जनवरी तक सर्दियों की छुट्टियां भी शुरू हो रही है, ऐसे में दूसरे और चौथे सेमेस्टर की अवार्ड एंट्री में और देरी होने की पूरी संभावना रहेगी, चूंकि इंटरनल असेसमेंट, प्रैक्टिकल परीक्षा के प्राप्तांक के आधार इंटरनल असेसमेंट करते है, उसके बाद ही कॉलेज से अवार्ड एंट्री की जाती है।
विवि के सीओई प्रो. श्याम लाल कौशल ने सभी कॉलेज प्राचार्यों और मूल्यांकन कें द्र इंचार्ज से जल्द से जल्द प्राथमिकता के आधार पर दूसरे और चौथे सेमेस्टर की अवार्ड एंट्री का कार्य पूरा कर सहयोग की अपील की है।