हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय हमीरपुर इसी शैक्षणिक सत्र से एमटेक (साइबर सुरक्षा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) और एमए योग की कक्षाएं शुरू करेगा। बुधवार को विवि की शैक्षणिक परिषद की 29वीं बैठक में यह फैसला लिया गया। बैठक कुलपति प्रो. शशि कुमार धीमान की अध्यक्षता में हुई। बैठक में स्नातकोत्तर विषयों को इस सत्र से शुरू करने का निर्णय लिया है। इसके विवि में शोध और विकास प्रकोष्ठ की भी स्थापना को शैक्षणिक परिषद से स्वीकृति मिली है।
विवि से संबंधित शिक्षण संस्थान भी अपने-अपने स्तर पर शोध और विकास प्रकोष्ठ की स्थापना कर सकते हैं। परिषद ने तकनीकी विवि और सभी शिक्षण संस्थान को राष्ट्रीय मूल्यांकन और प्रत्यायन परिषद (नैक), राष्ट्रीय संस्थागत रैंकिंग फ्रेमवर्क (एनआईआरएफ), राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड (एनबीए) से मूल्यांकन करवाने के फैसले को भी मंजूरी दी। तकनीकी विवि के कुलसचिव अनुपम ठाकुर ने शैक्षणिक परिषद की बैठक का संचालन किया।
नए स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों को मंजूरी
शैक्षणिक परिषद ने अगले सत्र से तकनीकी विवि में स्कूल ऑफ लिबरल आर्ट्स और साइंसेज एजूकेशन में नए स्नातक और स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों को शुरू करने को स्वीकृति दी। इसमें प्राकृतिक विज्ञान, सामाजिक विज्ञान, जैविक विज्ञान, गणित और कंप्यूटिंग, भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, आर्थिक विज्ञान, कानून और व्यवहार विज्ञान, रक्षा और सुरक्षा विज्ञान, सार्वजनिक नीति, राजनीति विज्ञान, प्राचीन इतिहास, मनोविज्ञान, समाजशास्त्र, शैक्षिक अध्ययन, भारतीय अध्ययन, दर्शन, सांख्यिकी और खेल पाठ्यक्रमों को शुरू करने की मंजूरी दी है।
दाखिले में पांच फीसदी अंकों की छूट
बीएससी (एचएमसीटी), बीएचएमसी, बीसीए, बीबीए में दाखिले के लिए अब जमा दो में 45 फीसदी अंक अनिवार्य होंगे। आरक्षित श्रेणी के विद्यार्थियों के लिए 40 फीसदी अंक आवश्यक होंगे। इससे पूर्व इन विषयों में दाखिला लेने के लिए अनारक्षित वर्ग के लिए 50 फीसदी और आरक्षित वर्ग के लिए 45 फीसदी अंक की अनिवार्यता थी। पीजी डिप्लोमा इन योग में किसी भी विषय में तीन साल की स्नातक डिग्री करने वाला दाखिला ले सकता है। पीजी डिप्लोमा इन योग में दाखिला के लिए 50 फीसदी अंक की अनिवार्यता को खत्म करने का निर्णय लिया है।
विद्यार्थियों को दिया जाएगा ड्रोन प्रशिक्षण
तकनीकी विवि ने इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी के साथ समझौता ज्ञापन कर काम करने की योजना बनाई है। इस समझौता ज्ञापन में तकनीकी विवि और संबंधित शिक्षण संस्थानों के विद्यार्थियों को ड्रोन प्रशिक्षण करवाने की योजना है। शैक्षणिक परिषद ने समझौता ज्ञापन पर काम करने को स्वीकृति दी।