इतना ही नहीं, सेवानिवृत्ति के बाद भी उन्हें होटल में ठहरने और भोजन पर रियायत प्रदान की जा रही थी। प्रबंध निदेशक के बेटे या बेटी के विवाह समारोह के लिए ठहरने पर 50 प्रतिशत, भोजन पर 40 प्रतिशत और परिवहन पर 20 प्रतिशत छूट का प्रावधान था, जिसे भी समाप्त कर दिया गया है। इसके अलावा, निदेशक मंडल के सरकारी और गैर-सरकारी निदेशकों को बोर्ड बैठकों के दौरान निगम के होटलों में निशुल्क ठहरने और भोजन की सुविधा मिलती थी। साथ ही उन्हें जीवनभर होटल में ठहरने और भोजन पर 30 प्रतिशत की छूट भी प्रदान की जाती थी। साथ ही निगम की वोल्वो बसों में इन्हें किराये पर छूट मिलती थी। अब राज्य सरकार के नए फैसले के बाद इन सभी को ये तमाम सुविधाएं नहीं मिलेंगी।
सरकार ने इन सभी सुविधाओं को समाप्त करते हुए स्पष्ट किया है कि अब केवल निगम के कर्मचारियों को ही निगम की होटल संबंधी सुविधाएं पूर्ववत मिलती रहेंगी। सरकार ने निगम प्रबंधन से अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, निदेशकों और प्रबंध निदेशक को मिलने वाली रियायतों को लेकर जानकारी मांगी थी, जिसके बाद यह बड़ा फैसला किया गया है।