कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर को बंद किए जाने के बाद भी विजिलेंस की जांच जारी रहेगी। सोमवार को सुक्खू सरकार ने आयोग को बंद करने का कड़ा फैसला लिया है। जेओए आईटी पेपर लीक मामले के बाद पुलिस जांच में आयोग में हुई धांधलियों का खुलासा हुआ है। तीन साल से आयोग में यह पेपर लीक का गोरखधंधा चल रहा था। विजिलेंस की जांच में आयोग के अधिकारी भी शक के दायरे में हैं। उनके खिलाफ अभियोग चलाए जाने के लिए विजिलेंस ने सरकार को प्रस्ताव भेजा है। हालांकि, अभी तक सरकार ने अधिकारी के खिलाफ अभियोग चलाने की मंजूरी नहीं दी है। अभियोजन मंजूरी के बाद विजिलेंस अदालत के समक्ष अनुपूरक चालान पेश करेगी।
उल्लेखनीय है कि कर्मचारी चयन आयोग की ओर से 25 दिसंबर, 2022 को पोस्ट कोड 965 जेओए आईटी की भर्ती परीक्षा प्रस्तावित थी। लेकिन, 23 दिसंबर को हमीरपुर विजिलेंस टीम ने चयन आयोग की गोपनीय शाखा की वरिष्ठ सहायक उमा आजाद को पेपर लीक मामले में गिरफ्तार कर लिया। जेओए आईटी के 300 से अधिक पदों को भरने के लिए आयोग ने एक लाख तीन हजार अभ्यर्थियों को एडमिट कार्ड जारी किए थे। एडीजी विजिलेंस सतवंत अटवाल ने कहा कि पेपर लीक मामले में विजिलेंस की जांच जारी रहेगी। दोषियों को बक्शा नहीं जाएगा।