भंग हो चुके हिमाचल प्रदेश कर्मचारी चयन आयोग हमीरपुर के माध्यम से आयोजित पोस्ट कोड 819 हिमाचल प्रदेश परिवहन विभाग में ट्रैफिक इंस्पेक्टर के पेपर लीक मामले में एसआईटी ने आरोपी ट्रैफिक इंस्पेक्टर रवि कुमार को गुरुवार देर रात हमीरपुर जिला मुख्यालय से सटे गांव घनाल खुर्द से गिरफ्तार कर लिया। शुक्रवार को आरोपी को हमीरपुर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। अब एसआईटी 4 अप्रैल को दोबारा ट्रैफिक इंस्पेक्टर रवि कुमार को न्यायालय में पेश करेगी।
हमीरपुर न्यायालय में पेश किया गया
गिरफ्तार करने के बाद उससे गहन पूछताछ हुई। वह वर्तमान में आरटीओ फ्लाइंग स्क्वायड कांगड़ा में तैनात था। एसआईटी ने 22 मार्च को ट्रैफिक इंस्पेक्टर भर्ती मामले में मामला दर्ज किया था। चार विभिन्न पोस्ट कोड में नामजद सात आरोपियों को भी शुक्रवार को हमीरपुर न्यायालय में पेश किया गया। यहां से छह आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया। चयन आयोग के चपरासी किशोरी लाल को एक अप्रैल तक पुलिस रिमांड पर भेजा गया है। पुलिस रिमांड से पूर्व एसआईटी ने आरोपियों को चयन आयोग के कार्यालय और उनके घर ले जाकर सीन रि-क्रिएट करवाए।
चार विभिन्न पोस्ट कोड के मामले में गिरफ्तार सात लोगों में से छह को हमीरपुर न्यायालय से न्यायिक हिरासत, जबकि आयोग के चपरासी किशोरी लाल को एक दिन की अतिरिक्त पुलिस रिमांड मिली है। ट्रैफिक इंस्पेक्टर रवि कुमार को गिरफ्तार कर हमीरपुर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे चार अप्रैल तक पुलिस रिमांड पर भेजा गया है।
-राहुल नाथ, पुलिस अधीक्षक विजिलेंस मंडी।
रिमांड पर भेजे गए आरोपी इन मामलों में हैं नामजद
पोस्ट कोड 939 जेओए आईटी मामले में एसआईटी ने 11 मार्च को चयन आयोग के दो चपरासियों मदन लाल और किशोरी लाल, मदन लाल के बेटे विशाल और भतीजे दिनेश कुल चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था। पोस्ट कोड 980 कला अध्यापक मामले में एसआईटी ने 3 मार्च को उमा आजाद, उसके बेटे निखिल आजाद और महिला अभ्यर्थी सुनीता देवी के खिलाफ मामला दर्ज किया।
ये है पूरा मामला
पोस्ट कोड 1003 कंप्यूटर ऑपरेटर, पोस्ट कोड 1036 जूनियर ऑडिटर मामले में एसआईटी ने 28 दिसंबर 2022 को उमा आजाद के बड़े बेटे नितिन आजाद के खिलाफ मामला दर्ज किया था। जबकि पोस्ट कोड 819 हिमाचल प्रदेश परिवहन विभाग में ट्रैफिक इंस्पेक्टर के पेपर लीक मामले में एसआईटी ने आरोपी ट्रैफिक इंस्पेक्टर रवि कुमार, उमा आजाद और उसके बेटे के खिलाफ 11 मार्च 2023 को मामला दर्ज किया था। उमा आजाद और रवि कुमार को छोड़ शेष सभी सात आरोपी 31 मार्च तक पुलिस रिमांड पर चल रहे थे।