हिमाचल प्रदेश न्यायिक सेवा परीक्षा पास कर सुंदरनगर की बेटी रितु सिन्हा सिविल जज बनी हैं। सुंदरनगर के बनेड वार्ड के घाडा गांव की रितु इसका श्रेय अपने माता-पिता और शिक्षकों को देती हैं। उन्होंने कहा कि लक्ष्य तय हो तो निरंतर मेहनत से सफलता अवश्य मिलती है। वर्तमान में रितु दिल्ली में इंस्टीट्यूट ऑफ एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस में लॉ विषय की शिक्षिका हैं।
रीतू ने एलएलएम की डिग्री एमिटी यूनिवर्सिटी नोएडा से की, जहां उन्हें गोल्ड मेडल से नवाजा गया। रितु के पिता प्रेम चंद बैंक में उच्च अधिकारी थे और माता रोशनी देवी गृहणी हैं। रितु के मामा तारा चंद ने कहा कि सुंदरनगर से रितु पहली लड़की है, जो सिविल जज बनी हैं।
नालागढ़ के दो युवा भी सिविल जज बन गए हैं। नालागढ़ निवासी शाविक घई व दिव्या शर्मा के सिविल जज बनने पर क्षेत्र में खुशी का माहौल है। नालागढ़ के वार्ड-4 की निवासी दिव्या शर्मा पुत्री एचआर शर्मा सूची में तीसरे स्थान पर व शाविक घई पुत्र नरेश घई निवासी फ्रेंडज कालोनी नालागढ़ ने सूची में चौथा स्थान हासिल किया है। बताया जा रहा है कि दिव्या नालागढ़ से पहली महिला जज के रूप में चयनित हुई हैं।
दिव्या ने अपनी सफलता का श्रेय अपने भाई अधिवक्ता अभिमन्यु शर्मा को दिया। उनके पिता वरिष्ठ अधिवक्ता एचआर शर्मा व माता निर्मला शर्मा गृहणी हैं। पांचवीं बार उन्हें न्यायिक परीक्षा में सफलता मिली है। शाविक घई ने कहा कि उनका चयन बतौर एडीए हुआ था और बिलासपुर में सहायक जिला न्यायवादी कार्यालय में प्रशिक्षण चल रहा था।
उन्होंने कहा कि हिमाचल में यह चौथा प्रयास था, जिसमें उन्हें सफलता हासिल हुई है। उन्होंने अपनी कामयाबी का श्रेय अपने पिता सेवानिवृत्त संयुक्त निदेशक अभियोजन नरेश घई व माता प्रधानाचार्य संगीता घई, स्कूल व विवि के अध्यापकों सहित अपने मुश्किल दौर में काम आए दोस्तों को दिया है।