शिमला के बागवानों के लिए एचपीएमसी जल्द ही एक बड़ी सौगात देने जा रहा है। जिले में परवाणू स्थित प्लांट की तर्ज पर एक फल विधायन संयंत्र (प्लांट) लगेगा। इस प्लांट की उत्पादन क्षमता 10 हजार मैट्रिक टन रहेगी।
प्लांट लगने के बाद जहां बागवानों में अच्छे रेट पर सेब बेचने की प्रतिस्पर्धा खत्म हो जाएगी वहीं उन्हें सेब की अच्छी कीमत भी मिल सकेगी। एग्रीकल्चर एंड प्रोसेस फूड्स एक्सपोर्ट डवेल्पर्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एपिडा) से एचपीएमसी को बजट जारी हो चुका है।
एक साल के भीतर यह प्लांट तैयार हो जाएगा। प्लांट ऊपरी शिमला में कहां लगना है, इस पर अभी फैसला होना है। प्लांट पर 14 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। परवाणू में फल संयंत्र 1978 में लगाया था। यह काफी पुराना हो चुका है। इसकी उत्पादन क्षमता में गिरावट आ रही है। इसे नया रूप मिलेगा। नया प्लांट लगने से 7 किलो सेब से एक किलो जूस निकलेगा। अभी परवाणू संयंत्र से 12 किलो सेब से 1 किलो जूस निकल जाता है।
अगले साल तक प्लांट संभव
एचपीएमसी के वाइस चेयरमैन प्रकाश ठाकुर ने कहा कि जिला शिमला में भी फल संयंत्र खोला जा रहा है। इसके लिए बजट आ चुका है। बागवानों को इससे सीधा फायदा होगा। कोई भी सेब से भरी बोरी मार्केट में नहीं बिकेगी। अगले साल तक यह प्लांट बनकर तैयार हो जाएगा।