प्राकृतिक आपदा से प्रभावित सेब बागवानों को प्रदेश सरकार ने बड़ी राहत देते हुए एपीएमसी के केंद्रों पर तुरंत सेब खरीद शुरू करने का निर्णय लिया है। राजस्व एवं बागवानी मंत्री जगत सिंह नेगी ने एचपीएमसी को आपदा प्रभावित क्षेत्रों में जहां पेड़ों से सेब झड़ गए हैं उनकी खरीद करने के निर्देश दिए हैं। आमतौर पर एचपीएमसी अगस्त माह के मध्य और आखिर में अपने सभी केंद्रों पर सेब खरीद शुरू करता है लेकिन इस बार सेब खरीद अगस्त की शुरूआत में ही शुरू हो जाएगी। हालांकि इसके लिए बागवानों को एचपीएमसी के केंद्र प्रभारियों से लिखित में आवेदन करना होगा। गाड़ी का पूरा लोड बनने पर सेब खरीद शुरू कर दी जाएगी।
महाप्रबंधक, एचपीएमसी के महाप्रबंधक सन्नी शर्मा ने बताया कि प्राकृतिक आपदा से बागवानों को हुए नुकसान को देखते हुए एचपीएमसी ने 20 केंद्रों पर शुरूआती दौर में सेब खरीद शुरू कर दी है। आपदा प्रभावित क्षेत्रों के अलावा निचले ऊंचाई वाले सेब उत्पादक क्षेत्रों में सोमवार से करीब 40 केंद्रों पर सेब खरीद शुरू हो जाएगी।
कुल्लू में सेब, नाशपाती, प्लम मंडी तक पहुंचाना बना चुनौती
जिला कुल्लू में सड़कों के बंद होने से सेब, नाशपाती व प्लम को सब्जी मंडियों में पहुंचना बागवानों के लिए परेशानी बन गया है। हालांकि कुल्लू घाटी में सेब का सीजन 15 अगस्त के बाद रफ्तार पकड़ेगा, मगर बरसात की बारिश से हो रही तबाही से किसान-बागवान चिंतित हो गए है। जिला में अभी 38 सड़कें अवरूद्ध हैं। कुल्लू-मनाली हाईवे तीन के साथ औट-बंजार-सैंज हाईवे-305 भी बार-बार अवरूद्ध हो रहा है। जबकि ग्रामीण इलाकों की सड़कों की दशा भी ठीक नहीं है। जिला कुल्लू में इस बार 60 लाख सेब पेटियों के उत्पादन का अनुमान है मगर सेब को मंडी तक पहुंचना बागवानों के लिए आसान नहीं है।