कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सचिवों की नियुक्तियों पर उठे बवाल के बाद कहा कि वीरभद्र सिंह बुजुर्ग नेता हैं। उनके साथ संवाद में कहीं कमी रह गई है। वह बुधवार को शिमला में सीएम से मिलेंगे और उनके सामने पूरी वस्तुस्थिति स्पष्ट करेंगे।
मंगलवार को राजीव भवन शिमला में पार्टी पदाधिकारियों से बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि पीसीसी सचिवों की नियुक्ति के लिए नाम वरिष्ठ नेताओं से ही उन्हें मिले हैं। ये नाम कौल सिंह ठाकुर, विद्या स्टोक्स, आशा कुमारी, जीएस बाली के अलावा सीएम वीरभद्र सिंह से भी आए हैं।
उन्होंने वरिष्ठ नेताओं के सुझाए नाम हाईकमान के ध्यान में लाए तभी सचिवों की तैनाती की गई। उन्होंने कहा कि वह शिमला से बाहर थे और जब आए तो सीएम शिमला से बाहर हैं। पिछले पंद्रह-बीस दिन में सीएम से कोई बात नहीं हो सकी। संवादहीनता के कारण ही यह विवाद पैदा हुआ है और इसे दूर किया जाएगा।
मंत्री बताएं, कहां रह गई कमी
सुक्खू ने कहा कि अगर उनकी ओर से कोई कमी रह गई है तो मंत्री भी बताएं। इसके लिए बदलाव जरूरी होंगे। गुण-दोषों को देखकर इस बारे में कोई निर्णय लिया जाएगा।
मीडिया में न जाएं सचिव
सुक्खू ने कहा कि पीसीसी सचिव मीडिया में न जाएं। इससे पार्टी की छवि को नुकसान पहुंचता है। सचिवों ने जो ठेस पहुंचने वाली बात की है, उस पर वे खुद सीएम से बात करेंगे।
दो सचिवों के इस्तीफे पर सीएम से पूछेंगे, क्या करें
शिमला ग्रामीण के दो पीसीसी सचिवों कुसुम वर्मा और प्रदीप वर्मा के इस्तीफे पर क्या करेंगे, इसके जवाब में सुक्खू ने कहा कि वे इस बारे में सीएम से पूछेंगे कि इनका क्या किया जाए। मंजूर किया जाए या नहीं। उसी के बाद निर्णय लिया जाएगा।