पिछले कुछ वक्त से मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के निशाने पर चल रहे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने सोमवार को पार्टी में अनुशासन बनाए रखने के नए फरमान जारी किए हैं। सुक्खू ने सभी नेताओं और पदाधिकारियों की एक-दूसरे के खिलाफ बयानबाजी पर रोक लगा दी है।
किसी का नाम लिए बिना सुक्खू ने आदेश जारी किए कि वरिष्ठ नेताओं के विरोधी बयानों को कार्यकर्ता नजरअंदाज करें और संयम बरतें। पार्टी के दिशा-निर्देशों के बावजूद सार्वजनिक बयानबाजी करना अनुशासनहीनता मानी जाएगी। सुक्खू के ताजा फरमानों को प्रदेश प्रभारी सुशील कुमार शिंदे के 3 अगस्त से प्रस्तावित हिमाचल दौरे से जोड़कर देखा जा रहा है।
सुक्खू ने सोमवार को सभी जिला अध्यक्षों, ब्लॉक अध्यक्षों, पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को इस संबंध में पत्र लिखे हैं। उन्होंने पत्र में कहा है कि कांग्रेस पार्टी का इतिहास अनुशासन भरा रहा है। इसे बनाए रखने में सभी का योगदान अपेक्षित है।
पार्टी पदाधिकारी विरोधाभास में पड़ने के बजाय संयम बरतें। उन्होंने कहा है कि इस समय पूरा ध्यान वर्ष के अंत में होने वाले विधानसभा चुनावों पर होना चाहिए। सभी अपने-अपने विधानसभा क्षेत्रों में धरातल पर चुनाव की तैयारियों में जुट जाएं।