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एचपीसीए मामले में सुनवाई अब 19 अप्रैल को होगी

Wed, 09 Mar 2016 12:11 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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सरकारी काम में बाधा डालने के मामले में सुनवाई भी टली - फोटो : file photo
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प्रदेश हाईकोर्ट में एचपीसीए के खिलाफ अवैध कब्जे करने के मामले में एसोसिएशन की ओर से दायर प्राथमिकी रद्द करने वाली याचिका पर सुनवाई 19 अप्रैल के लिए टल गयी है। याचिका में एचपीसीए ने धर्मशाला में दायर प्राथमिकी को रद्द करने की गुहार लगाई है।
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प्रदेश हाईकोर्ट ने एचपीसीए और इसके अध्यक्ष अनुराग ठाकुर को बड़ी राहत देते हुए इनके खिलाफ धर्मशाला कोर्ट में चल रहे अवैध कब्जे से संबंधित मामले पर आगामी कार्रवाई पर रोक लगाई थी। न्यायाधीश राजीव शर्मा ने एचपीसीए और अनुराग ठाकुर की याचिका पर सुनवाई के पश्चात मामले से जुड़ा रिकॉर्ड तलब किया है।

याचिका के अनुसार प्रदेश सरकार ने राजनीतिक द्वेष के चलते एचपीसीए पर तरह-तरह के मामले दर्ज किए हैं। कांग्रेस चार्जशीट के दबाव में आकर एचपीसीए पर 1941 वर्ग मीटर भूमि पर अवैध कब्जा किये जाने का झूठा मामला बनाया गया है। प्रार्थियों के अनुसार सरकार ने एचपीसीए को 49118 वर्ग मीटर भूमि लीज पर दी है और उनका कब्जा केवल 45959 वर्ग मीटर पर ही है।
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यदि एचपीसीए के कब्जे को देखा जाए तो उनके पास अभी भी 3158 वर्गमीटर भूमि आवंटित भूमि से कम है। यह मामला अवैध कब्जे का नहीं बल्कि गलती का मामला है जिसे राजस्व रिकॉर्ड को दुरुस्त कर सुधारा जा सकता है।

सरकारी काम में बाधा डालने के मामले में सुनवाई भी टली
एचपीसीए अध्यक्ष अनुराग ठाकुर और संजय शर्मा द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई 19 अप्रैल तक टल गई है। याचिका में याचिकाकर्ताओं ने उनके खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने पर दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने की गुहार लगायी हैं।

प्रदेश हाईकोर्ट ने एचपीसीए के अध्यक्ष अनुराग ठाकुर और पीआरओ संजय शर्मा को सरकारी कार्य में बाधा डालने के मामले में बड़ी राहत देते हुए निचले कोर्ट में चल रही कार्रवाई पर रोक लगा दी थी। न्यायाधीश राजीव शर्मा ने दोनों याचिकाकर्ताओं की याचिका पर सुनवाई के बाद चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट धर्मशाला के समक्ष चल रहे उपरोक्त मामले से जुड़ा रिकॉर्ड तलब किया।
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