श्रेणी सुधार की परीक्षा केवल उन्हीं विषय में ली जाएगी, जो वर्ममान में एसओएस की परीक्षा प्रणाली में प्रचलित हो। श्रेणी सुधार में परीक्षा वर्तमान समय में चल रहे पासिंग क्राइटिरिया और सिलेबस में होगा।
श्रेणी सुधार परीक्षा का परिणाम मूल प्रमाण पत्र जमा करवाने के बाद ही जारी होगा, जबकि श्रेणी सुधार के लिए जारी होने वाला रोल नंबर केवल एक ही सत्र के लिए मान्य होगा।
प्रेक्टिकल विषय की श्रेणी सुधार परीक्षा के साथ प्रेक्टिकल भी अभ्यर्थियों को देना होगा। श्रेणी सुधार की परीक्षा से असंतुष्ट अभ्यर्थियों को पंजीकरण, नामांकन, प्रक्टिकल शुल्क और परीक्षा शुल्क नए सिरे से जमा करवाने होंगी।
इस परीक्षा के लिए अधिकतम तीन अवसर प्रदान किए जाएंगे। उधर, राज्य स्कूल शिक्षा बोर्ड अध्यक्ष डॉ. अरुण कुमार ने बताया कि एसओएस की परीक्षाओं के लिए अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए फेरबदल किया गया है।
श्रेणी सुधार परीक्षा में अंक बढ़ने पर ही अभ्यर्थी को नया प्रमाण पत्र जारी किया जाएगा। अंक कम होने पर पुराना मूल प्रमाण पत्र वापस कर दिया जाएगा। वहीं दो विषयों में श्रेणी सुधार की परीक्षा में एक विषय में अंक बढ़ने, जबकि दूसरे में कम होने पर कुल अंकों में बढ़ोतरी नहीं होती, तो पुराना रिजल्ट ही अभ्यर्थी का माना जाएगा।
फीस का यह रहेगा स्ट्रक्चर
एसओएस में परीक्षा के लिए 2600 रुपये शुल्क लगेगा। इसमें पंजीकरण शुल्क 1000, परीक्षा शुल्क एक या अधिक विषय 1500 और प्रेक्टिकल शुल्क 100 रुपये प्रति विषय रहेगा।