दिव्या ज्योति ने 500 में से 487 अंक लेकर 97.4 प्रतिशत अंक लिए हैं और प्रदेशभर में कला संकाय में पहला स्थान हासिल करके पूरे करसोग क्षेत्र का नाम रोशन किया है।
हिमाचल प्रदेश के मंडी के करसोग से किसान की बेटी दिव्य ज्योति ने कला संकाय में प्रदेश भर में पहला स्थान हासिल किया है। दिव्या ज्योति ने 500 में से 487 अंक लेकर 97.4 प्रतिशत अंक लिए हैं और प्रदेशभर में कला संकाय में पहला स्थान हासिल करके पूरे करसोग क्षेत्र का नाम रोशन किया है। उसने कहा कि वह प्रशासनिक अधिकारी बनकर देश की जनता की सेवा करेगी। छात्रा ज्योति करसोग के रूट मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल में पढ़ती हैं। दिव्य ज्याति ने कहा कि वह प्रतिदिन रोजाना चार से पांच घंटों तक पढ़ाई करती थी और बाद में घर के कामों में भी मां का हाथ बंटाती हैं।
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उन्होंने कहा कि उनके पिता राम सिंह पेश से किसान हैं और वह उसकी पढ़ाई के लिए हमेशा गंभीर रहते हैं। पढ़ाई के लिए वह कभी भी किसी तरह की असुविधा उसे नहीं होने देत हैं। वहीं, दिव्या ज्योति की माता कुसुम लता सरकारी स्कूल में अध्यापिका हैं। दिव्य ज्योति ने कहा कि वह प्रशासनिक अधिकारी बनकर प्रद्रेश के लोगों की सेवा करना चाहती है। उन्होंने कहा कि स्कूल में भी उसे पढ़ाई का अच्छा वातावरण मिला। इसके अतिरिक्त परीक्षाओं के समय में घर पर पढ़ाई के लिए माता-पिता का पूरा सहयोग मिलता रहा है। उसने अपनी कामयाबी का श्रेय माता-पिता और अपने गुरुजनों को दिया है।