हिमाचल विधानसभा में सोमवार को इन्वेस्टर मीट का मामला गरमा सकता है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और सुजानपुर के विधायक राजेंद्र राणा ने कहा कि सरकार इन्वेस्टर मीट के बहाने प्रदेश की जमीन और संसाधनों को गिरवी रखने का षड्यंत्र रच रही है। सरकार हिमाचली हितों को दरकिनार कर एमओयू साइन कर बड़े उद्योगपतियों और बिल्डरों को लाभ पहुंचाने की कोशिश में लगी है। कांग्रेस इसे कतई बर्दाश्त नहीं करेगी। उन्होंने कहा कि सोमवार को विधानसभा में इस मामले को उठाया जाएगा।
राणा ने कहा कि भाजपा सरकार सत्ता में आने के बाद करोड़ों रुपये का कर्ज ले चुकी है। इन्वेस्टर मीट से बड़े-बड़े सब्जबाग दिखाकर लोगों को गुमराह करने में लगी है। प्रदेश में माफिया राज स्थापित हो चुका है और भ्रष्टाचार के सारे रिकॉर्ड टूट चुके हैं। विकास कार्यों पर ग्रहण लग गया है।
जयराम सरकार का अफ सरशाही पर कंट्रोल नहीं है। अफसर कैबिनेट के निर्णयों को कूड़े के ढेर में डालकर मनमर्जी के फैसले ले रहे हैं। मुख्यमंत्री के नियंत्रण वाला पर्यटन विभाग ही सरकार से संभल नहीं पा रहा है। प्रस्तावित इन्वेस्टर मीट के राइजिंग हिमाचल पोर्टल पर ही पर्यटन विभाग ने लैंड सीलिंग एक्ट को लेकर भ्रम पैदा कर दिया है।
इससे लगता है कि राजस्व विभाग को पर्यटन विभाग चला रहा हो क्योंकि टी-टूरिज्म को लेकर खारिज प्रस्ताव ही विभाग ने राइजिंग हिमाचल पोर्टल पर डाल दिया है। राणा ने कहा कि प्रदेश के संसाधनों पर डाका डालने जैसे मंसूबों व हिमाचल निर्माता एवं प्रथम मुख्यमंत्री स्वर्गीय यशवंत सिंह परमार के सपनों को कांग्रेस कभी टूटने नहीं देगी।
जेएंडके से जोड़कर विपक्ष लाएगा ध्यानाकर्षण प्रस्ताव
शिमला। हिमाचल विधानसभा में सोमवार को धारा-118 का मुद्दा उठाया जाएगा। शिमला ग्रामीण से कांग्रेस विधायक विक्रमादित्य सिंह हिमाचल प्रदेश मुजारियत एवं भू सुधार अधिनियम 1972 से धारा-118 को खत्म करने की आशंका जाहिर कर ध्यानाकर्षण प्रस्ताव लाएंगे। सोमवार को सदन की कार्यवाही दोपहर बाद दो बजे से शुरू होगी।
ध्यानाकर्षण प्रस्ताव जम्मू-कश्मीर में भारतीय संविधान के अनुच्छेद 35 ए को हटाने से उत्पन्न स्थिति के बाद लाया जा रहा है। इसके अलावा सदन में कांग्रेस विधायक रामलाल ठाकुर, रमेश चंद धवाला और विक्रम सिंह जरयाल नियम 130 के तहत प्रस्ताव रखेंगे कि प्लास्टिक के उपयोग, अवैध कटान, खनन और अन्य प्रकार के प्रदूषण से पर्यावरण को बढ़ रहे खतरे से उत्पन्न स्थिति पर सदन विचार करे। हिमकेयर और सहारा योजनाओं पर भी नियम 130 के तहत चर्चा होगी।
अरुण जेटली के निधन पर होगा शोकोद्गार
सोमवार को हिमाचल प्रदेश विधानसभा में प्रश्नकाल से पहले अरुण जेटली के देहांत पर शोकोद्गार होगा। इसमें विधायक अपना शोक वक्तव्य प्रस्तुत करेंगे।