नौ माह बीतने के बाद भी प्रदेश विश्वविद्यालय प्रथम सत्र के करीब 36 हजार छात्रों का रिजल्ट घोषित नहीं कर पाया है। छात्रों के दूसरे सत्र की परीक्षाएं भी खत्म हो चुकी हैं। अभी भी यह साफ नहीं है कि उनके पहले सत्र का परिणाम कब तक आएगा। प्रदेश सरकार और शिक्षा विभाग की ओर से कॉलेजों में आनन-फानन में रूसा लागू करने का खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ रहा है।
हालांकि, प्रदेश विवि भले ही कॉलेजों से डाटा और आवश्यक ऑनलाइन रिकॉर्ड समय न आने को परिणाम घोषित करने में देरी का कारण बता रहा है। कॉलेजों से क्या रिकॉर्ड चाहिए और कौन सा ब्योरा ऑनलाइन सही आया या है या नहीं, इस पर विवि ने कोई ध्यान नहीं दिया।
विवि पांच से छह माह तक तो सॉफ्टवेयर बनाने के लिए ही इधर-उधर हाथ पांव मारता रहा। फिर लाखों की प्रतिमाह की सैलरी पर प्रोग्रामर रखा गया। जून में सही मायने में परिणाम तैयार करने के प्रयास शुरू हुए। रूसा के साथ ही विश्वविद्यालय ने इस बार यूजी फाइनल के परिणाम भी देर से निकाले।