जीपीएफ घपले के मामले में एचआरटीसी कर्मचारी आंदोलन पर उतर आए हैं।
- फोटो : अमर उजाला
निगम प्रबंधन की ओर से जीपीएफ घपले के मामले में एचआरटीसी कर्मचारी आंदोलन पर उतर आए हैं। कर्मचारियों ने बुधवार को एचआरटीसी मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। आईपीएस गो बैक के नारे भी लगाए।
कर्मचारियों ने अनुबंध पर चालकों-परिचालकों के लिए न्यूनतम वेतन, सेवानिवृत्त कर्मचारियों तथा अधिकारियों को वापस किया जाना, 2013-14 में कर्मचारियों का 40 करोड़ रुपये रात्रि भत्ता और ओवर टाइम का पैसा जारी न करने के मामले में निगम प्रबंधन के खिलाफ हल्ला बोला।
यह प्रदर्शन प्रदेश के हर डिपो के बाहर किए गए। शिमला में परिवहन कर्मचारियों ने डेढ़ बजे मुख्यालय के बाहर किया गया। परिवहन मजदूर संघ के प्रदेशाध्यक्ष शंकर सिंह ठाकुर ने कहा कि निगम प्रबंधन कर्मचारियों की तनख्वाह से जीपीएफ काटता रहा।
लेकिन यह पैसा जीपीएफ ट्रस्ट में नहीं डाला। कहा कि प्रबंधन ने इस पैसे को पेंशन, स्टेशनरी तथा कार्यालय के अन्य कार्यों में खर्च कर दिया। कहा कि निगम प्रबंधन ने ट्रस्ट में डेढ़ सौ करोड़ जमा नहीं करवाया है। इसका खुलासा बैलेंस शीट में भी हुआ है।
निगम में चालकों और परिचालकों को 4000 रुपये मासिक वेतन दिया जा रहा है, जबकि न्यूनतम वेतन 8310 तथा 7810 रुपये मिलना चाहिए। कौशल विकास भत्ते के तहत कंडक्टरों का रोषण, सेवानिवृत्त कर्मचारियों को समय पर पेंशन न देना आदि मांगें पूरा न होने पर निगम प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन किया।
5 दिन तक चलेगा आंदोलन
निगम कर्मचारियों का यह प्रदर्शन पांच दिन तक चलेगा। अगर निगम प्रबंधन कर्मचारियों की मांगें नहीं मानता है तो 26 मई को विशाल आंदोलन किया जाएगा। चक्का जाम करने की तिथि और अनशन पर बैठने का फैसला भी इसी दिन तय किया जाएगा।