प्रदेश सरकार ने ये कहा
राज्य सरकार के अनुसार, डेयरी क्षेत्र को मजबूत करने के लिए दूध उत्पादकों को लाभकारी मूल्य उपलब्ध करवाने के साथ दूध की खरीद, प्रसंस्करण और विपणन से जुड़े बुनियादी ढांचे में सुधार किया जा रहा है। गैर सरकारी डेयरी सहकारी समितियों से जुड़े उत्पादकों को इन संस्थानों के सीमित वित्तीय संसाधनों के कारण अपेक्षित प्रोत्साहन सहायता नहीं मिल पा रही थी। इस असमानता को दूर करने के उद्देश्य से दूध प्रोत्साहन योजना के तहत मिलने वाली राशि दोगुनी कर दी गई है।
राशि बढ़ने से उत्पादकों को मिलगी अतिरिक्त सहायता
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों को बेहतर आर्थिक लाभ उपलब्ध करवाने और कृषि व इससे जुड़ी गतिविधियों के माध्यम से आजीविका के स्थायी अवसर पैदा करने के लिए प्रतिबद्ध है। दूध प्रोत्साहन राशि बढ़ने से पात्र उत्पादकों को अतिरिक्त वित्तीय सहायता मिलेगी और डेयरी विकास योजनाओं का लाभ किसानों के व्यापक वर्ग तक पहुंचेगा उन्होंने कहा कि सरकार छोटे और सीमांत किसानों के लिए डेयरी व्यवसाय को आर्थिक रूप से व्यवहार्य और लाभकारी बनाने पर विशेष ध्यान दे रही है। दूध उत्पादन बढ़ाने, सहकारी संस्थाओं को मजबूत करने और दूध व दुग्ध उत्पादों की खरीद एवं विपणन व्यवस्था में सुधार के लिए किसान हितैषी योजनाएं जारी रहेंगी।