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HP Rajya Sabha Cross Voting Case: तीन पूर्व विधायकों से नौ घंटे पूछताछ, पुलिस ने पूछे कई सवाल, नहीं मिले जवाब

Sat, 24 Aug 2024 10:18 AM IST
अंकेश डोगरा अमर उजाला ब्यूरो, शिमला

सार

शुक्रवार को बालूगंज थाने में सुजानपुर के पूर्व विधायक राजेंद्र राणा, कुटलैहड़ के पूर्व विधायक देवेंद्र भुट्टो और नालागढ़ के पूर्व विधायक केएल ठाकुर से मामले में कई सवाल-जवाब हुए। पुलिस ने लंबी पूछताछ के दौरान तीनों पूर्व विधायकों से कई सवाल किए, जिनमें से कई के वे जवाब नहीं दे पाए। 
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पूर्व विधायक राजेंद्र राणा, देवेंद्र भुट्टो, केएल ठाकुर - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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प्रदेश सरकार को अस्थिर करने के आरोप और राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग मामले में शुक्रवार को बालूगंज थाने में तीन पूर्व विधायकों से करीब नौ घंटे पूछताछ हुई। सुजानपुर के पूर्व विधायक राजेंद्र राणा, कुटलैहड़ के पूर्व विधायक देवेंद्र भुट्टो और नालागढ़ के पूर्व विधायक केएल ठाकुर से मामले में कई सवाल-जवाब हुए। तीनों से अलग-अलग पूछताछ हुई।

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पुलिस चंडीगढ़ और उत्तराखंड के होटलों में ठहरने और हवाई यात्राओं पर हुए लाखों के खर्च को लेकर मामले की जांच कर रही है। सूत्रों के मुताबिक अभी तक की पुलिस जांच में पता चला है कि चंडीगढ़ के होटलों में ठहरने पर हुए खर्च की अदायगी एक निजी फार्मा कंपनी ने की थी, जबकि उत्तराखंड में ठहरने और हवाई यात्राओं पर हुए खर्च के मामले में भाजपा के एक नेता का नाम सामने आ रहा है। इसे लेकर पुलिस उत्तराखंड की टूर एंड ट्रेवल कंपनी के संचालक को भी तलब कर चुकी है। उधर, पूछताछ के लिए पहुंचे पूर्व विधायक राजेंद्र राणा ने राज्य सरकार पर जमकर हमला बोला। उन्होंने कहा कि यह झूठ बोलने वाली सरकार है। युवा नौकरी का, महिलाएं 15,00 रुपये का इंतजार कर रही हैं। उन्होंने कहा कि सुखविंद्र सिंह सुक्खू पहले मुख्यमंत्री हैं, जो चंडीगढ़ जाने पर हिमाचल भवन की जगह पांच सितारा होटल में ठहरते हैं।

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पूर्व विधायकों से पुलिस ने पूछे कई सवाल, नहीं मिले जवाब
पुलिस ने लंबी पूछताछ के दौरान तीनों पूर्व विधायकों से कई सवाल किए, जिनमें से कई के वे जवाब नहीं दे पाए। पुलिस सूत्रों के मुताबिक पूर्व विधायकों से पूछा गया कि उनके होटलों में ठहरने और हेलिकाप्टर सेवाओं पर हुआ लाखों का खर्चा किसने किया। इसके अलावा पूछा गया कि सीआरपीएफ की सुरक्षा उन्होंने खुद मांगी थी या उन्हें केंद्र सरकार ने मुहैया करवाई थी। इस पर विधायकों ने बताया कि उन्होंने सुरक्षा नहीं मांगी थी। इसके अलावा विधायकों से अवैध पारितोषण को लेकर भी सवाल किए गए। पुलिस सूत्रों के मुताबिक ज्यादातर सवालों के बारे में पूर्व विधायकों ने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया और इस बारे में जानकारी नहीं होने की बात कही।
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