हिमाचल में सक्रिय होने की चर्चा तेज हो गई
राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से मुक्त होने पर नड्डा के हिमाचल में और सक्रिय होने की चर्चा रविवार से ही तेज हो गई है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष का पदभार होने पर अभी वह ज्यादा समय हिमाचल को नहीं दे पा रहे थे। बिलासपुर से संबंध रखने वाले नड्डा अब हिमाचल की राजनीति में ज्यादा फोकस कर सकते हैं। नड्डा के अध्यक्ष रहते लोकसभा के साथ कई विधानसभा चुनाव में भी पार्टी ने बड़ी जीत दर्ज की। हिमाचल, कर्नाटक और तेलंगाना को छोड़कर सभी राज्यों में भाजपा ने जीत हासिल की है। बिलासपुर से तीन बार विधानसभा चुनाव जीतने वाले नड्डा 2010 में मंत्री पद छोड़कर संगठन के लिए दिल्ली चले गए थे। जून 2019 में वह भाजपा के कार्यकारी राष्ट्रीय अध्यक्ष बने और 20 जनवरी 2020 को उन्हें सर्वसम्मति से राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में चुना गया। तब से वह इस पद पर रहे।
नड्डा के अभिनंदन समारोह में उमड़ी भीड़ बदलते सियासी भविष्य का संकेत: बिंदल
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि 13 दिसंबर को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के शिमला आगमन पर जिस प्रकार लोगों का सैलाब उमड़ा, वह ऐतिहासिक है। यह केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि हिमाचल के बदलते राजनीतिक भविष्य का स्पष्ट संकेत है। डॉ. बिंदल ने कहा कि बिहार में भारतीय जनता पार्टी व एनडीए की प्रचंड जीत के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा का यह पहला हिमाचल प्रवास था। इस अवसर पर उन्हें बधाई देने के लिए जिस तरह का अप्रत्याशित, उत्साहपूर्ण और जनसमर्थन से भरा कार्यक्रम आयोजित हुआ, उसने यह सिद्ध कर दिया कि हिमाचल प्रदेश का जनमानस अब वर्तमान कांग्रेस सरकार को उखाड़ फेंकने का मन बना चुका है।