फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

HP Politics: हर्षवर्धन और धर्माणी बोले- हिमाचल विरोधी चेहरा बेनकाब होने से बौखलाए जयराम ठाकुर

Thu, 19 Feb 2026 07:07 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।

सार

हर्षवर्धन चौहान और तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर पर तीखा पलटवार करते हुए कहा है कि भाजपा का आरडीजी पर असली चेहरा प्रदेश के सामने बेनकाब हो चुका है। 
विज्ञापन
उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान और तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

उद्योग मंत्री हर्षवर्धन चौहान और तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर पर तीखा पलटवार करते हुए कहा है कि भाजपा का आरडीजी पर असली चेहरा प्रदेश के सामने बेनकाब हो चुका है, जिससे वह पूरी तरह बौखलाए हुए हैं। उन्होंने कहा कि जयराम ठाकुर और भाजपा के अन्य नेता आरडीजी विरोधी हैं, जबकि उन्होंने हिमाचल प्रदेश की सीमित आर्थिक संसाधनों और भौगोलिक परिस्थितियों का हवाला देते हुए पंद्रहवें व सोलहवें वित्त आयोग के समक्ष प्रदेश को आरडीजी देने की पुरजोर वकालत की थी। मंत्रियों ने सवाल उठाया कि जयराम ठाकुर प्रदेश की जनता को स्पष्ट करें कि कुछ ही महीनों में उनका रुख क्यों बदल गया है। आखिर क्यों आज वह और पूरी भाजपा हिमाचल प्रदेश के हितों के खिलाफ खड़े हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार का विरोध करते-करते भाजपा नेतृत्व शायद प्रदेश के लोगों के हितों को भूल चुका है।

विज्ञापन


मंत्रियों ने कहा कि भाजपा नेता आज केंद्रीय योजनाओं के तहत मिलने वाली धनराशि को आर्थिक मदद के रूप में गिना रहे हैं, जबकि यह प्रदेश की जनता का अधिकार है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के बेतुके स्पष्टीकरण प्रदेश के लोगों के गले नहीं उतरने वाले। उन्होंने कहा कि जय राम ठाकुर और भाजपा नेताओं ने अब तक आरडीजी के मुद्दे पर एक बार भी अपना रुख स्पष्ट नहीं किया है। प्रदेश की जनता जानना चाहती है कि क्या भाजपा आरडीजी को बंद करने के पक्ष में है या नहीं? आरडीजी हिमाचल प्रदेश का सांविधानिक अधिकार है, जिसका प्रावधान संविधान के अनुच्छेद 275(1) में किया गया है।


उन्होंने कहा कि जब जय राम ठाकुर के कार्यकाल में प्रदेश को 56 हजार करोड़ रुपये आरडीजी के अतिरिक्त 14 हजार करोड़ रुपये का जीएसटी क्षतिपूर्ति प्राप्त हुई, तब आरडीजी पर कोई आपत्ति नहीं थी तो अब विरोध क्यों? क्या इसलिए कि आज हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस की सरकार है? हर्षवर्धन चौहान और राजेश धर्माणी ने कहा कि विधानसभा सत्र के दौरान हिमाचल प्रदेश के लिए आरडीजी बहाल करने के लिए नियम 102 के तहत लाए गए सरकारी प्रस्ताव का विरोध कर जयराम ठाकुर और भाजपा ने अपना वास्तविक चेहरा उजागर कर दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि इससे पहले आपदा प्रभावितों को विशेष आर्थिक सहायता देने संबंधी विधानसभा प्रस्ताव का भी भाजपा विधायकों ने समर्थन नहीं किया था। प्रदेश की जनता देख चुकी है कि भाजपा हिमाचल प्रदेश के अधिकारों के लिए कभी खड़ी नहीं होती।

विज्ञापन
विज्ञापन

प्रदेश में झूठ व भ्रम की स्थिति पैदा न करें जयराम : विनय
 प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष विनय कुमार ने कहा है कि अगर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर को राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) बहाल करने पर राज्य सरकार को कोई सहयोग नहीं देना है तो कम से कम प्रदेश में किसी भी झूठ व भ्रम की स्थिति पैदा करने की कोशिश न करें। प्रदेश में किसी भी प्रकार की वित्तीय आपातकाल जैसी स्थिति नहीं है। विनय कुमार ने कहा कि वीरवार को नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने प्रेस वार्ता में प्रदेश के वित्तीय आपातकाल की ओर बढ़ने की बात कही है। उन्होंने कहा कि राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) प्रदेश का सांविधानिक अधिकार है। इसकी बहाली के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। प्रदेश के विकास कार्यों को गति देने के लिये आरडीजी का जारी रहना बहुत आवश्यक है। उन्होंने भाजपा पर आरोप लगाया कि वह इस मुद्दे पर दोहरी राजनीति कर रही हैं। भाजपा नेता अनाप-शनाप बयानबाजी कर लोगों को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। कांग्रेस नई दिल्ली में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के नेतृत्व में मंत्रिमंडल के सभी सहयोगियों के साथ मिलकर प्रदेश के अधिकारों को प्रमुखता से उठाते हुए आरडीजी की बहाली और आपदा राहत की घोषित 1500 करोड़ की राशि जारी करने का आग्रह करेगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें