आवेदन रिकॉर्ड से होगा मिलान
ग्राउंड टेस्ट स्थल पर पहुंचने वाले अभ्यर्थी की पहचान के लिए सबसे पहले बायोमेट्रिक जांच की जाएगी। इसमें अभ्यर्थियों के फिंगरप्रिंट लेने के साथ डिजिटल फोटो ली जाएगी। इसके बाद इनका मिलान भर्ती आवेदन के रिकॉर्ड से किया जाएगा। इससे सुनिश्चित किया जा सकेगा कि जिस अभ्यर्थी ने आवेदन किया है, वही ग्राउंड टेस्ट में शामिल हुआ है। अभ्यर्थियों को भर्ती प्रक्रिया से संबंधित बारकोड भी उपलब्ध कराया जाएगा। ग्राउंड टेस्ट स्थल पर बारकोड स्कैन करते ही अभ्यर्थी का रिकॉर्ड सामने आ जाएगा।
भर्ती में पहचान की पुष्टि महत्वपूर्ण होगी
इससे दस्तावेजों की बार-बार जांच की जरूरत कम होगी और प्रवेश से लेकर ग्राउंड टेस्ट में भागीदारी तक अभ्यर्थी की गतिविधियों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार होगा। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों वाली इस भर्ती में पहचान की पुष्टि महत्वपूर्ण होगी। बायोमेट्रिक, फोटो और बारकोड से किसी दूसरे व्यक्ति के नाम पर ग्राउंड टेस्ट देने की आशंका को रोकने का प्रयास किया जाएगा। भर्ती के बाद के चरणों में भी अभ्यर्थी की पहचान से जुड़े रिकॉर्ड का इस्तेमाल किया जा सकेगा।
पुलिस लाइंस और ग्राउंड में होंगे टेस्ट
ग्राउंड टेस्ट के लिए सभी जिलों में पुलिस लाइंस और पुलिस ग्राउंड का इस्तेमाल किया जाएगा। अभ्यर्थियों को उनके निर्धारित केंद्र और रिपोर्टिंग समय की जानकारी भर्ती कार्यक्रम जारी होने के बाद दी जाएगी। आवेदकों की संख्या को देखते हुए उन्हें अलग-अलग दिनों में बुलाया जाएगा। ग्राउंड टेस्ट भर्ती प्रक्रिया का महत्वपूर्ण चरण होगा। इसमें निर्धारित शारीरिक दक्षता मानकों को पूरा करने वाले अभ्यर्थी ही अगले चरण के लिए पात्र होंगे। बायोमेट्रिक और डिजिटल रिकॉर्डिंग से शारीरिक परीक्षा के दौरान अभ्यर्थी की पहचान सुनिश्चित करने के साथ पूरी प्रक्रिया का रिकॉर्ड भी उपलब्ध रहेगा।