पीआरडी जवान के खिलाफ भी कार्रवाई के आदेश
उधर, डीएम नितिन सिंह भदौरिया ने दरोगा और आबकारी विभाग के सिपाही को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। उपनल कर्मचारी और पीआरडी जवान के खिलाफ भी कार्रवाई के आदेश दिए गए हैं। जानकारी के अनुसार, शिमला में चोरी की वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी उत्तर प्रदेश के रामपुर से रुद्रपुर की ओर आ रहे थे। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि नेपाल पहुंचने के बाद आरोपी युवती ने कथित तौर पर कारोबारी को फोन कर चोरी की जानकारी दी। इसकी सूचना मिलने के बाद शिमला पुलिस ने रुद्रपुर पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई में चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया। मामले में एक अज्ञात शख्स की संलिप्तता भी सामने आई है, जिसकी तलाश जारी है। शिमला पुलिस का दावा है कि आरोपियों से चोरी की करीब 80 फीसदी संपत्ति बरामद कर ली गई है। बरामद सामान में आभूषण और अन्य कीमती वस्तुएं शामिल हैं।
यह है मामला
मामला 7 सितंबर की रात का है, जब कालीबाड़ी के समीप रेणु बालजीज के घर में कुछ दिन पहले काम पर आई नौकरानी समेत चार लोगों ने घर से करोड़ों के गहने, कीमती सामान और नकदी चुरा ली। पुलिस ने आठ सितंबर को अज्ञात लोगों के खिलाफ थाना सदर में बीएनएस की धारा 306 के तहत प्राथमिकी दर्जकर छानबीन शुरू की। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने संदिग्धों की तलाश के साथ तकनीकी और अन्य साक्ष्यों को गहनता से खंगाला। इसके आधार पर सदर थाना पुलिस की टीम ने ऊधम सिंह नगर पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों को गिरफ्तार किया। अब मामले में शेष संपत्ति की बरामदगी और घटना में शामिल अन्य लोगों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए जांच की जा रही है। शिमला के एएसपी मेहर पंवार ने बताया कि पुलिस ने चोरी के मामले में उत्तराखंड से चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। चोरी किए ज्यादातर आभूषणों को बरामद कर लिया गया है।
पुलिस ने तीन दिन तक हिमाचल पुलिस के साथ मिलकर साक्ष्य जुटाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मामले में गिरफ्तार किए गए चारों आरोपी आबकारी विभाग से जुड़े हैं। अगर हिमाचल पुलिस तहरीर देती है तो उस आधार पर भी कार्रवाई की जाएगी। इस मामले में एक अज्ञात की भी भूमिका सामने आ रही है। - अजय गणपति, एसएसपी, उधम सिंह नगर, उत्तराखंड