पुलिस कांस्टेबल भर्ती की लिखित परीक्षा के पेपर लीक मामले में चार और लोगों की गिरफ्तारी हुई है। बिलासपुर से पिता-पुत्र के अलावा एक दलाल शिमला और एक लखनऊ से गिरफ्तार किया गया है। अभी तक मामले में 20 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। गिरफ्तार पिता-पुत्र और शिमला से दलाली के आरोप में पकड़े व्यक्ति को बिलासपुर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें 18 मई तक रिमांड पर भेजा दिया गया है।
आरोप है कि शिमला से गिरफ्तार दलाल ने छह लाख रुपये में प्रश्नपत्र उपलब्ध करवाया था। मामले की जांच के लिए गठित पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) हर जिले में ज्यादा अंक लेने वाले अभ्यर्थियों से पूछताछ कर रही है। बिलासपुर में भी कुछ अभ्यर्थियों से पूछताछ की गई। परीक्षा में 63 नंबर लेने वाले एक अभ्यर्थी पर पुलिस को शक हुआ। उससे और अधिक पूछताछ की गई तो उसने बताया कि उसके पिता ने पेपर की सेटिंग करवाई थी।
अभ्यर्थी के पिता को भी गिरफ्तार कर पूछताछ की गई। अभ्यर्थी के पिता ने बताया कि शिमला जिले के एक व्यक्ति ने छह लाख रुपये लेकर प्रश्नपत्र उपलब्ध करवाया था। इसके बाद पुलिस ने शिमला जिले में दबिश देकर दलाली के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया। एसआईटी के प्रमुख डीआईजी मधुसूदन शर्मा ने बताया कि पेपर लीक मामले में बिलासपुर जिले से दो गिरफ्तारियां की गई हैं और शिमला जिले से भी एक गिरफ्तारी की गई है।
वहीं, मामले की जांच पड़ताल कर रही एसआईटी ने लखनऊ से भी एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। उसकी पहचान अभिषेक पुत्र जितेंद्र निवासी ग्रीन महादेव लखनऊ के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि आरोपी तीन अभ्यर्थियों के संपर्क में था और उसने पैसे लेकर उन्हें पेपर मुहैया करवाया था।
तीन अभ्यर्थियों के बारे में उससे जानकारी ली जा रही है। हालांकि इसकी अधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। गौर हो कि पुलिस कांस्टेबलों के 1,334 पदों की भर्ती के लिए 27 मार्च को लिखित परीक्षा हुई थी। 5 अप्रैल को परिणाम घोषित हुआ। प्रदेशभर में 81 परीक्षा केंद्रों में पेपर हुआ था। पेपर लीक होने के बाद मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने परीक्षा रद्द कर दी थी।