राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार दूसरे चरण में कुल 17 लाख 30 हजार 30 मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। इनमें 8 लाख 74 हजार 716 पुरुष और 8 लाख 55 हजार 597 महिला मतदाता शामिल हैं। आयोग को इस बार भी पंचायत चुनाव में बेहतर मतदान प्रतिशत की उम्मीद है। चुनाव में पहली बार मतदान करने वाले युवाओं में भी खासा उत्साह देखा जा रहा है। चुनाव प्रक्रिया को सुचारु बनाए रखने के लिए आयोग ने अतिरिक्त मतपेटियां और अतिरिक्त स्टाफ की व्यवस्था की है।
संवेदनशील और अति संवेदनशील मतदान केंद्रों पर पुलिस बल की विशेष तैनाती की गई है। जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों को मतदान केंद्रों पर कानून व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं। राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं से लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए अधिक से अधिक संख्या में मतदान करने की अपील की है। राज्य निर्वाचन आयोग के सचिव सुरजीत राठौर ने कहा कि मतदान केंद्रों पर किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या नियमों के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
प्रदेश के सबसे ऊंचे मतदान केंद्र कॉमिक में वीरवार को मतदान होगा। इस केंद्र में 77 मतदाता अपने मत का प्रयोग करेंगे, जिसमें 37 पुरूष और 40 महिलाएं शामिल हैं। कॉमिक मतदान केंद्र को पिंक बूथ बनाया गया है। इस मतदान केंद्र का महिला पोलिंग पार्टी ही संचालन करेगी। लाहौल-स्पीति जिले के विकास खंड स्पीति की लांगजा पंचायत के अंतर्गत 4,587 मीटर की ऊंचाई पर स्थित प्राथमिक पाठशाला कॉमिक में मतदान केंद्र स्थापित किया है। विकास खंड अधिकारी स्पीति अंशुल शांडिल ने बताया कि प्रदेश के सबसे ऊंचे मतदान केंद्र कॉमिक में निर्वाचन संबंधी पूरी तैयारियां कर ली गई है। महिला पोलिंग पार्टी भी मतदान केंद्र में पहुंच गई है। इसके अलावा लारा पंचायत के पांच वार्डों और लांगजा पंचायत के तीन वार्डों में केवल महिला मतदान दल और महिला सुरक्षा कर्मी ही मतदान केंद्रों का संचालन करेंगी। इन केंद्रों के लिए 10 महिला मतदान दल गठित किए गए हैं। इनमें से आठ महिला मतदान दल मतदान केंद्रों पर चुनावी ड्यूटी निभाएंगे, जबकि दो महिला मतदान दल को रिजर्व में रखा गया है।
पंचायतीराज संस्थाओं के पहले चरण के चुनाव में गड़बड़ियों की शिकायत पर राज्य निर्वाचन आयोग ने कड़ा संज्ञान लिया है। चुनाव के दौरान गड़बड़ी व अनियमितताएं सामने आने के बाद आयोग ने जिला उपायुक्तों को निर्देश दिए है कि पहले चरण के चुनाव में जो भी गड़बड़ियां हुई हैं, उन्हें दूसरे चरण के चुनाव में न दोहराया जाए। राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से उपायुक्तों को इस बारे पत्र जारी किया गया है। पहले चरण के चुनाव में जितने भी मामले सामने आए हैं, उसका जिक्र करते हुए ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों को सावधानीपूर्वक कार्य करने की हिदायत दी है। उल्लेखनीय है कि रामपुर, मंडी में चुनाव के दौरान कई तरह की अनियमितताएं सामने आई हैं। बीसीडी प्रत्याशी का नाम बैलेट पेपर में नहीं लिखा था। बैलेट पेपर में नोटा की स्टैंप लगाई गई। कुछ जगह देरी से मतदान शुरू हुआ।
जिला स्तर पर सबसे अधिक 3,95,856 मतदाता कांगड़ा जिले में हैं, जबकि सबसे कम 19,150 मतदाता किन्नौर जिले में दर्ज किए गए हैं। बिलासपुर में 1,08,746, चंबा में 1,48,219, हमीरपुर में 1,25,768, कांगड़ा में 3,95,856, किन्नौर में 19,150, कुल्लू में 1,03,797, लाहौल-स्पीति में 8,875, मंडी में 2,71,281, शिमला में 1,74,514, सिरमौर में 1,25,673, सोलन में 1,19,682 और ऊना में 1,27,569 मतदाता हैं।
राज्य निर्वाचन आयोग ने चंबा जिले के तीसा विकास खंड की ग्राम पंचायत सवाला के वार्ड नंबर-2 में पुनर्मतदान कराने का निर्णय लिया है। आयोग के अनुसार मतदान के दौरान कुछ मतदाताओं को साथी (कंपेनियन) के साथ मतदान की अनुमति दी गई, लेकिन संबंधित पीठासीन अधिकारी ने नियमानुसार ऐसे मतदाताओं की निर्धारित प्रपत्र पर घोषणा नहीं ली। अब इस वार्ड में 30 मई को पुनर्मतदान होगा, जबकि मतगणना एवं परिणाम की घोषणा 31 मई को की जाएगी।
सिरमौर जिले के पच्छाद विकास खंड की ग्राम पंचायत बनाह-धीणी में जिला परिषद चुनाव के दौरान प्रयुक्त मतपेटी पंचायत चुनाव में मतपेटी से बदल जाने के कारण मतगणना प्रक्रिया रोक दी गई थी। आयोग ने कहा कि संबंधित पंचायत की मतगणना अब पुलिस सुरक्षा में होगी।