अगर चेहरा अच्छा हुआ तो वह उसको समर्थन करेंगे। बीओडी की बैठक में चुनाव लड़कर जीते 15 में से 14 निदेशक उपस्थित रहे। लाहौल स्पीति से सेरिंग ताशी बैठक में नहीं आए।
इसके अलावा एमडी पीसी अकेला भी बीओडी की बैठक में नहीं थे। सरकार की ओर से नामित तीन सदस्य राजीव भारद्वाज, रणजीत राणा और रमेश भलौरिया बैठक में मौजूद रहे। इन्हें सम्मानित भी किया गया।
चेयरमैन जगदीश सिपहिया ने कहा कि वर्ष 2013 में केसीसी बैंक का नेट एनपीए 6.70, वर्ष 2014 में 6.79, वर्ष 2015 में 7.61, वर्ष 2016 में 8.66 और वर्ष 2017 में 13.42 फीसदी रहा। बैंक को इस दौरान बिजली बोर्ड के 680 करोड़ और एचआरटीसी के 230 करोड़ रुपये जमा कराने पड़े। इस वजह से भी एनपीए बढ़ा।
जगदीश सिपहिया ने प्रेस वार्ता में केसीसी बैंक के एमडी पर वित्तीय अनियमितता बरतने के आरोप लगाए। कहा कि पिछले करीब 3 महीनों में एमडी ने अपने घर के लिए बिना बीओडी की स्वीकृति के 7 लाख रुपये का सामान चंडीगढ़ से खरीद लिया।
इस पर बीओडी में प्रस्ताव पारित किया गया। कानूनी सलाह लेने के बाद इस मामले में आगामी कार्रवाई की जाएगी। एमडी से वित्तीय शक्तियां छीनकर बैंक के जीएम को हस्तांतरित की गईं हैं। सितंबर 2017 से एमडी ऋणों की फाइलों को स्वीकृति नहीं दे रहे।
इससे एनपीए और बढ़ेगा जिसके जिम्मेदार एमडी होंगे। केसीसी बैंक में होने वाली भर्ती की फाइल भी एमडी ने दबाए रखी जिस वजह से समय पर रिजल्ट नहीं निकल पाया।
सरकारी संदेश में मुझे डराया गया : सिपहिया
सिपहिया ने कहा कि सरकार की ओर से मिले संदेश में मुझे डराया धमकाया गया। मुझे कहा गया कि इस्तीफा दो वरना बोर्ड भंग कर देंगे। सरकार मेरी फाइलें खोलेगी।