ऐसे में लकड़ी की काष्ठकुणी शैली का बना मकान देखते ही देखते परिवार की आंखों के सामने स्वाह हो गया। हालांकि, गांव के लोगों ने पानी की बाल्टियों से आग बुझाने का भरसक प्रयास किया लेकिन सफलता हाथ नहीं लग पाई।
धू-धू कर जले मकान से दो भाइयों का परिवार खुले आसमान तले गुजर बसर करने को विवश हो गया है। स्थानीय पंचायत प्रधान मनोरमा ठाकुर, वार्ड सदस्य प्रेमलता, कुलदीप तथा जय सिंह ने कहा कि आग कैसे लगी, इसका पता नहीं लग सका है।
प्रधान मनोरमा ने कहा कि घटना में लाखों का नुकसान हुआ है। मकान में जब आग लगी, तब दोनों परिवार के लोग अपने कामकाज केे चलते खेतों में व्यस्त थे। उन्होंने कहा कि दस कमरों के मकान में चेत राम तथा बुधराम पुुत्र थैलू राम का परिवार बेघर हो गया।
आग से लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। राजस्व विभाग के पटवारी निमत राम ने कहा कि आग की सूचना मिलते ही वह मौके पर पहुंचे और प्रभावित परिवारों को दस-दस हजार रुपये की फौरी राहत दी गई।