हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने चरस रखने के आरोप में सजा भुगत रहे हुकम सिंह को बरी कर दिया है। न्यायाधीश संदीप शर्मा और न्यायाधीश वीरेंदर सिंह की खंडपीठ ने अपीलकर्ता को तुरंत प्रभाव से रिहा करने के आदेश दिए हैं। सत्र न्यायाधीश ऊना ने हुकम सिंह को 1.9 किलोग्राम चरस रखने का दोषी ठहराते हुए 10 साल कठोर कारावास की सजा सुनाई थी। इस निर्णय को सतपाल ने अपील के माध्यम से हाईकोर्ट के समक्ष चुनौती दी। 11 अक्तूबर 2019 को कोहार्चम से स्पाैरी सड़क पर पुलिस गश्त लगा रही थी। कोहार्चम पुल पर जब पुलिस पहुंची तो उन्होंने आरोपी को आते हुए देखा। तलाशी के दौरान पुलिस ने आरोपी से 1.9 किलोग्राम चरस बरामद की थी।
पुलिस ने हुकम सिंह के खिलाफ पुलिस थाना अंब में मादक पदार्थ निरोधक अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया। प्रारंभिक जांच के बाद अभियोजन पक्ष ने हुकम सिंह के खिलाफ सत्र न्यायाधीश ऊना की अदालत में अभियोग चलाया। गवाहों के बयानों के आधार पर निचली अदालत ने हुकम सिंह को चरस रखने का दोषी ठहराया। हाईकोर्ट की खंडपीठ ने मामले से जुड़े रिकॉर्ड का अवलोकन कर पाया कि अभियोजन पक्ष आरोपी के खिलाफ अभियोग साबित करने में नाकाम रहा है। अदालत ने अपने निर्णय में कहा कि अभियोजन पक्ष की कहानी विरोधाभासी है। कहानी में यदि शक की गुंजाइश रहती है तो इसका लाभ अभियुक्त को दिया जाना चाहिए।