दूसरे बेसकैंप थाचडू
यहां मेडिकल, रेस्क्यू दल, पुलिस, राजस्व, सेक्टर मजिस्ट्रेट समेत करीब 20 लोग कर्मचारी तैनात रहेंगे। यहां पर आपात सेवाओं के अलावा श्रीखंड जा रहे सभी यात्रियों को चेक किया जाएगा। बिना पंजीकरण या चोरी छिपे जा रहे यात्रियों को वापस भेजा जाएगा।
तीसरे बेसकैंप कुनशा
यहां 20 कर्मचारियों की टीम तैनात होगी। यहां रेस्क्यू, कानून और आपात सेवाएं मिलेंगी। यहां से कर्मचारी मौसम के अनुकूल होने पर ही श्रद्धालुओं को आगे भेजने या रोकने के निर्णय लेंगे।
चौथा बेस कैंप भीमडवारी
यहां भी 20 कर्मचारी तैनात रहेंगे। वे आपात स्थिति से निपटने के लिए हर समय तैयार रहेंगे।
पांचवां बेस कैंप पार्वतीबाग
यहां करीब 30 कर्मचारी तैनात होंगे। इसमें पहली बार अटल बिहारी पर्वतारोहण और संबद्ध खेल संस्थान मनाली रेस्क्यू टीम के 16 पुलिस के चार जवान, डॉक्टरों की टीम और सेक्टर मजिस्ट्रेट शामिल रहेंगे। पार्वतीबाग से ऊपर कोई भी श्रद्धालु दोपहर 12 बजे के बाद यात्रा नहीं कर सकेगा। इस बार आनलाइन पंजीकरण के लिए 250 रुपये फीस देनी होगी। इस बार रास्तों में ज्यादा ग्लेशियर हैं। प्रशासन की टीम निर्धारित यात्रा से पहले तैनात नहीं रहेगी इसलिए कोई भी जान को जोखिम में डालकर शेड्यूल से पहले या बाद में यात्रा न करे।मनमोहन सिंह, एसडीएम, निरमंड
यात्रियों के लिए हिदायतें
2014 से श्रीखंड यात्रा के दौरान सेवाएं दे रहे डॉक्टर यशपाल राणा ने बताया कि पार्वतीबाग से ऊपर कुछ यात्रियों को ऑक्सीजन की कमी के चलते तबीयत बिगड़ने लगती है। उन्होंने कहा कि यात्री को जब ऑक्सीजन की कमी महसूस हो, ज्यादा सांस फूले, सिरदर्द हो, चढ़ाई न चढ़ पाए, उल्टी की शिकायत, धुंधला दिखे, चक्कर आए तो यात्री तुरंत आराम करें। नीचे उतरकर बेसकैंप में चिकित्सक से संपर्क करें। अपने साथ यात्री पक्का डंडा, ग्रिप वाले जूते, बरसाती छाता, सूखे मेवे, गर्म कपड़े, टॉर्च, ग्लूकोज जैसा सामान रखे।