हाईकोर्ट ने प्रदेश में सक्रिय खनन माफिया से निपटने और खनिजों के उचित दोहन के लिए 6 सप्ताह के भीतर नीति बनाने के आदेश दिए हैं। मुख्य न्यायाधीश मंसूर अहमद मीर और न्यायाधीश संदीप शर्मा की खंडपीठ ने एक जनहित याचिका की सुनवाई के बाद ये आदेश पारित किए।
मामले पर अगली सुनवाई 14 जून को होगी। कोर्ट ने इस मामले में खनन माफिया के खिलाफ कार्रवाई में बरती जा रही लापरवाही पर सरकार की कार्यप्रणाली पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा था कि आए दिन अखबारों में खबरें आ रही हैं कि प्रदेश में खनन माफिया पर लगाम लगाने में सरकार नाकाम हो गई है।
कोर्ट ने प्रदेश में सक्रिय खनन माफिया के खिलाफ उचित कार्रवाई न होने पर स्पष्ट किया था कि यदि अवैध खनन पर शीघ्र ही काबू नहीं पाया गया तो संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों सहित डीजीपी के खिलाफ सख्त कार्यवाई अमल में लाई जाएगी।
कोर्ट ने खनन माफियाओं की बढ़ती सक्रियता पर संज्ञान लेते हुए राज्य सरकार से पूछा था कि उसने उन अधिकारियों के खिलाफ क्या कार्यवाई की जिनके संरक्षण में खनन माफिया अपना अवैध कारोबार जारी रखे हुए है।