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हाईवे किनारे अवैध निर्माण पर हाईकोर्ट सख्त, मांगे अफसरों-कर्मियों के नाम

Tue, 15 May 2018 09:41 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
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हिमाचल हाईकोर्ट उच्च मार्ग के किनारे अवैध निर्माण पर सख्त रूख अपनाया है।  हिमाचल हाईकोर्ट ने टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग (टीसीपी) के प्रधान सचिव को आदेश दिए हैं कि वह शिमला-कालका राष्ट्रीय उच्च मार्ग पर वर्ष 2015 व 2016 में बने सभी तरह के निर्माणों से ताल्लुक रखने वाले अधिकारियों व कर्मचारियों के नाम अदालत को बताएं।

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कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उन सभी कर्मियों के खिलाफ  कार्रवाई अमल में लाई जाएगी, जिन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान उक्त सड़क मार्ग के आसपास अवैध निर्माण होने दिए और जानबूझकर कार्रवाई नहीं की। कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय करोल व न्यायाधीश संदीप शर्मा की खंडपीठ ने प्रधान सचिव को हिदायत दी कि यदि 17 मई तक सूची नहीं दी तो वह स्वयं कोर्ट में उपस्थित रहकर इसका कारण बताएं। 

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कोर्ट ने संबंधित विभागों से ये पूछा

कोर्ट ने इससे पहले संबंधित विभागों से पूछा था कि शिमला कालका राष्ट्रीय उच्च मार्ग के दोनों तरफ निर्माण करने की इजाजत किस-किस को दे रखी है। कोर्ट ने विशेषकर बड़ोग बाईपास और उसके नजदीक सड़क मार्ग की पूरी जानकारी मांगी थी।

कहा था कि सड़क मार्ग के आसपास बड़े पैमाने पर अवैध निर्माण होते चले गए और हाईकोर्ट की ओर से संज्ञान लेने के बाद भी ये कर्मचारी सोते रहे। कोर्ट ने कहा था कि क्यों न इनके खिलाफ  अवमानना के साथ भ्रष्टाचार के मामले चलाए जाएं।

कोर्ट के इन आदेशों के बावजूद न तो किसी के खिलाफ  विभागीय कार्रवाई हुई और न ही अधिकारियों, कर्मचारियों के नाम कोर्ट के सामने लाए गए। मामले पर अब 17 मई को सुनवाई होगी।
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