हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने सचिव रोड ट्रांसपोर्ट एवं हाईवे भारत सरकार और एसी टू डीसी बिलासपुर को हाईकोर्ट के आदेशों की अनुपालना न करने पर जमानती वारंट जारी किए हैं। मुख्य न्यायाधीश मंसूर अहमद मीर और न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान की खंडपीठ ने याचिकाकर्ता द्वारा दायर भूमि अधिग्रहण संबंधित मामले की सुनवाई के दौरान यह आदेश पारित किए।
मामले के अनुसार याचिकाकर्ता राम देई की जमीन नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने नेशनल हाइवे-2 को चौड़ा करने के लिए अधिग्रहण की थी। लेकिन, याचिकाकर्ता को भूमि अधिग्रहण के लिए उचित मुआवजा नहीं दिया था।
जिसके कारण याचिकाकर्ता ने कोर्ट से उचित मुआवजा दिलाने की गुहार लगाई। 3 जनवरी 2017 को मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने प्रतिवादियों को मामले में जवाब दायर करने को कहा था। जवाब दायर न होने की स्थिति में व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में पेश रहने को कहा था।
नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने इस मामले में जवाब नहीं दायर किया था, ना ही प्रतिवादी व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित हुए। मामले पर अगली सुनवाई 17 अप्रैल को होगी।