हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने पावर कॉरपोरेशन के चीफ इंजीनियर विमल नेगी की मौत से जुड़े मामले में पावर कॉरपोरेशन के पूर्व एमडी हरिकेश मीणा की अंतरिम जमानत 15 मई तक बढ़ा दी है। उन्होंने गिरफ्तारी से बचने के लिए अग्रिम जमानत याचिका दायर कर रखी है। वहीं सरकार की ओर से पेश अधिवक्ता में जमानत का विरोध किया। उधर, इस मामले की जांच के लिए गठित पुलिस की एसआईटी ने शुक्रवार को स्टेटस रिपोर्ट पेश की।
अतिरिक्त महाधिवक्ता ने अदालत को बताया कि पुलिस की जांच में कुछ तथ्य आने बाकी हैं। इस मामले की गहनता से जांच की जा रही है। ऐसे में सरकार ने इस मामले में और समय बढ़ाने की मांग की। न्यायाधीश वीरेंद्र सिंह की अदालत ने 15 मई तक का समय दिया है। वहीं, पिछली सुनवाई में अदालत ने मीणा की गिरफ्तारी पर रोक लगाई थी। पूर्व पावर कॉरपोरेशन के एमडी हरिकेश मीणा के अधिवक्ता ने याचिकाकर्ता की अंतरिम जमानत की पैरवी की।
गौरतलब है कि इस मामले में 10 मार्च से लापता एचपीपीसीएल के चीफ इंजीनियर रहे विमल नेगी का 18 मार्च को बिलासपुर स्थित गोविंद सागर झील में शव मिला था। विमल नेगी के लापता होने के बाद उनकी पत्नी ने मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू को पत्र लिखा था और पावर कॉरपोरेशन के पूर्व एमडी हरिकेश मीणा, पूर्व निदेशक देशराज समेत अन्य उच्च अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए थे। विमल की पत्नी का आरोप है कि उच्च अधिकारियों ने उनके पति को प्रताड़ित किया। इसके बाद नेगी की पत्नी की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए न्यू शिमला पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज की गई। इसमें पूर्व निदेशक देसराज व एमडी हरिकेश मीणा पर गंभीर आरोप लगाए गए।