हिमाचल हाईकोर्ट ने वर्ष 2014 में मंडी के लारजी डैम से पानी छोड़ने से थलौट में ब्यास नदी में बहकर मारे गए हैदराबाद इंजीनियरिंग कॉलेज के 24 विद्यार्थियों के अभिभावकों को 4 करोड़ 80 लाख की मुआवजा राशि देने के आदेश दिए हैं।
मुख्य न्यायाधीश मंसूर अहमद मीर व न्यायाधीश तरलोक सिंह चौहान की खंडपीठ ने मुआवजा राशि के भुगतान की 60 फीसदी राशि हिमाचल प्रदेश विद्युत बोर्ड पर डाली है, जबकि शेष 30 फीसदी राशि कॉलेज प्रबंधन व 10 फीसदी राशि प्रदेश सरकार पर डाली है।
अदालत के आदेश के मुताबिक हर अभिभावक को 20-20 लाख रुपये साढ़े सात फीसदी ब्याज सहित दिया जाएगा। जून 2014 में वीएनआर इंजीनियरिंग इंस्टीट्यूट हैदराबाद के कुछ प्रशिक्षु मनाली घूमने जा रहे थे।