अब डॉक्टरों का जवाब आने के बाद प्रबंधन अगली कार्रवाई करेगा। इनका जवाब डायरेक्टर ऑफ मेडिकल एजूकेशन को भेजा जाएगा। यहां से मिलने वाले निर्देशों पर अगली कार्रवाई होगी।
स्वास्थ्य विभाग निजी प्रैक्टिस करने वाले और ड्यूटी में कोताही बरतने वाले डॉक्टरों के खिलाफ कड़ा रुख अपना रहा है। पहले चेतावनी देकर डॉक्टरों को छोड़ दिया जाता था। अब निजी प्रैक्टिस और ड्यूटी में कोताही बरतने वाले सरकारी डॉक्टरों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
चिकित्सकों के निजी प्रैक्टिस करने से अस्पताल में डॉक्टरों की कमी होती है। इससे अन्य डॉक्टरों को मरीजों का उपचार करने में परेशानी होती है। अस्पताल में मरीजों को भी उचित उपचार नहीं मिलता है। आदेशों के तहत अस्पताल में तैनात डॉक्टरों को समयानुसार ही ड्यूटी देनी होगी।
मेडिकल कॉलेज चंबा के प्राचार्य डॉ. अनिल ओहरी ने बताया कि तीन सरकारी डॉक्टरों को निजी प्रैक्टिस करने को लेकर नोटिस भेजे हैं। 72 घंटों के भीतर डॉक्टरों को जवाब देना होगा। अन्यथा उनके खिलाफ एकतरफ कार्रवाई की जाएगी।