मुख्य सचिव बीके अग्रवाल ने कहा कि हिमाचल में लोगों को कई प्रोजेक्टों में भू-अधिग्रहण का एकमुश्त पैसा मिलता है तो उनमेें से कई लोग इसे एकदम से दोगुना या तिगुना करने के लालच में आ जाते हैं।
ऐसे लोगों पर चिटफंड कंपनियों, अनधिकृत बैंकरों और साहूकारों की नजर रहती है। पैसा जमा करवाने के बाद ऐसी कंपनियां, बैंकर और साहूकार भाग जाते हैं या फिर वादे से मुकर जाते हैं।
उन्होंने कहा कि इस संबंध में सेवानिवृत्त अधिकारियों, कर्मचारियों, परियोजना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले लोगों और तमाम तबकों को जहां प्रशिक्षित किया जाएगा, वहीं लालच देने वाली और लोगों का पैसा ऐंठने
वाली ऐसी कंपनियों के खिलाफ सख्त प्रावधान किए जाएंगे। अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त अनिल खाची ने भी बताया कि लोगों को प्रशिक्षित और जागरूक करने की सरकार जल्दी रूपरेखा बनाएगी।