हिमाचल के निजी स्कूलों की मनमानी और बेतहाशा फीस बढ़ोतरी पर अब प्रदेश सरकार नकेल कसने की तैयारी में है। युकां प्रदेशाध्यक्ष विक्रमादित्य सिंह की ओर से सौंपे शिकायतपत्र के बाद मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने इसके संकेत दिए हैं।
सीएम ने कहा है कि शिकायत सही पाई गई तो निजी स्कूलों पर कड़ी कार्रवाई होगी। विक्रमादित्य सिंह ने प्रदेश सरकार से निजी स्कूलों की बढ़ती मनमानी पर शिकंजा कसने की मांग उठाई थी। उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिख स्कूलों पर राज्य निजी शिक्षण संस्थान नियामक आयोग के माध्यम से कड़ी नजर रखने का आग्रह किया था।
विधानसभा परिसर में शुक्रवार को पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में मुख्यमंत्री ने कहा कि शिकायत की जांच के बाद दोषी स्कूलों पर कार्रवाई होगी। धर्मशाला को दूसरी राजधानी बनाने पर उन्होंने कहा कि इससे पूरे हिमाचल का समग्र विकास होगा।
धर्मशाला में विधानसभा का शीतकालीन सत्र चलता है। हिमाचल के गठन से पहले हमीरपुर से लेकर कुल्लू, लाहौल-स्पीति का क्षेत्र कांगड़ा में आता था। कांगड़ा अभी भी सबसे बड़ा जिला है। हमने एकदम से छलांग नहीं लगाई, बल्कि धीरे-धीरे यह कदम उठाया है।
इस कदम से पूरे हिमाचल के लोगों के रिश्ते और मजबूत होंगे। उन्होंने कहा कि चुनाव पास आते देख भाजपा सिर्फ जातिवाद और क्षेत्रवाद की राजनीति करती है।