पत्रकारों से बातचीत में कौल ने कहा कि नाहन मेडिकल कॉलेज इसी साल अगस्त में शुरू होगा।
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स्वास्थ्य मंत्री कौल सिंह ठाकुर ने मंगलवार को दो टूक चेतावनी देते हुए कहा कि मरीजों की पर्ची पर जो डॉक्टर ब्रांडेड दवाएं लिखेंगे, उन्हें चार्जशीट कर दिया जाएगा। उच्च स्तरीय समिति मरीजों की पर्ची पर लिखी गई दवाओं का ऑडिट करेगी।
पत्रकारों से बातचीत में कौल ने कहा कि नाहन मेडिकल कॉलेज इसी साल अगस्त में शुरू होगा। पहले साल 100 सीटें इस कॉलेज को मिलेंगी। काम जोरों पर है। कुछ हॉस्टल किराये पर लिए हैं। स्टाफ की तैनाती भी कर दी गई है।
कौल ने पत्रकारों से बातचीत के बाद कॉलेज में चल रहे काम का जायजा भी लिया। उन्होंने कहा कि हिमाचल 30 हजार करोड़ रुपये की दवाइयां तैयार कर रहा है। लगभग 9,500 करोड़ की दवाइयां विदेशों को निर्यात की जा रही है।
अपने दम पर नहीं चला सकते मेडिकल कॉलेज
कौल ने कहा कि एक बेटी पर परिवार नियोजन अपनाने वालों की बेटी को मेडिकल कॉलेज में सरकार दाखिला देगी।
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कौल ने कहा कि राज्य सरकार अपने बूते चारों मेडिकल कॉलेज नहीं चला सकती। लिहाजा, इन्हें सेल्फ फाइनांसिंग सोसायटी के तहत लाया जाएगा। सरकार राज्य में मेडिकल यूनिवर्सिटी खोलने का प्रयास भी कर रही है।
कोई पटवार सर्कल नहीं रहेगा खाली
कौल ने कहा कि सूबे में कोई भी पटवार सर्कल खाली नहीं रहेगा। 1120 पटवारी नियुक्त किए जाएंगे। इन्हें ट्रेनिंग के बाद तैनात किया जाएगा।
एक बेटी को मेडिकल कॉलेज में दाखिला देगी सरकार
कौल ने कहा कि एक बेटी पर परिवार नियोजन अपनाने वालों की बेटी को मेडिकल कॉलेज में सरकार दाखिला देगी। उन्होंने कहा कि देश में 1000 लड़कों के पीछे 919 लड़कियां हैं जबकि हिमाचल में यह आंकड़ा 909 है। यह चिंताजनक है। इसमें सुधार के लिए जन सहयोग जरूरी है।
नड्डा से उम्मीदें
कौल ने कहा कि हिमाचल को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा से काफी उम्मीदें है। उनके अनुसार यूपीए ने मेडिकल कॉलेज को मंजूरी दी थी। अब एनडीए सरकार इसके लिए जरूरी धन समय पर मुहैया करवाता रहे। नाहन मेडिकल कॉलेज में ट्रामा सेंटर के लिए पत्र भेजा गया है। उन्होंने नड्डा से मांग की है कि इसे जल्द मंजूर किया जाए।