हिमाचल में ऑनलाइन शॉपिंग अब महंगी होगी। राज्य की सीमाओं से सामान के प्रवेश पर चार से पांच फीसदी तक टैक्स लगेगा।
हिमाचल में ऑनलाइन शॉपिंग अब महंगी होगी। राज्य की सीमाओं से सामान के प्रवेश पर चार से पांच फीसदी तक टैक्स लगेगा। इसके लिए एंट्री टैक्स कानून में संशोधन किया जाएगा। कानून के दायरे में अधिकतर कर योग्य वस्तुओं को शामिल किया जाएगा।
ये टैक्स सामान लाने वाली कुरियर कंपनियों पर लगेगा। इन्हें अपना पंजीकरण कराना होगा। सोमवार को प्रदेश विधानसभा के सदन पटल पर हिमाचल प्रदेश स्थानीय क्षेत्र में माल के प्रवेश पर कर संशोधन विधेयक 2016 को रखा गया।
बता दें कि हिमाचल में पिछले एक साल में ऑनलाइन शॉपिंग का चलन कई गुना बढ़ा है। लाखों लोग अब ऑनलाइन सामान ही मंगवा रहे हैं। हिमाचल में अभी तक ऑनलाइन सामान बिना एंट्री टैक्स के ही आ रहा है।
सरकार को हर महीने करोड़ों रुपये का नुकसान
हिमाचल में ऑनलाइन सामान कुरियर कंपनियां पहुंचाकर देती है।
इससे प्रदेश सरकार को राजस्व के रूप में हर महीने करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है। यही नहीं, इससे प्रदेश के स्थानीय कारोबारियों का धंधा भी कम हो गया है। इससे भी सरकार को पर्याप्त टैक्स नहीं मिल पा रहा है। हिमाचल में ऑनलाइन सामान कुरियर कंपनियां पहुंचाकर देती है।
ऐसे में सरकार ने तय किया है कि प्रदेश में सामान पहुंचाने वाली कंपनियों को पंजीकृत कर उनसे टैक्स लिया जाएगा। सरकार ने इसके लिए वर्ष 2010 के एंट्री टैक्स एक्ट को संशोधित करने का फैसला किया है। ई-कॉमर्स टैक्स के लिए नई धारा 4(ए) को विधेयक में शामिल किया गया है।
आबकारी एवं कराधान मंत्री प्रकाश चौधरी ने सोमवार को नए संशोधन विधेयक को सदन पटल पर रखा। इसे आगामी दिनों में पारित किया जाना है। इस धारा के अनुसार ऑनलाइन शॉपिंग का ये टैक्स आयातकर्ता एजेंसी उस सामान के मालिक से लेगी।
कानून पारित होने के बाद बनेंगे नियम
ऑनलाइन शॉपिंग के चलते स्थानीय कारोबारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
कानून पारित होने के बाद सरकार ई-कॉमर्स एंट्री टैक्स के नियम भी बनाएगी। इन नियमों में उन वस्तुओं को अधिसूचित किया जाएगा, जिनमें ये टैक्स लगाया जाना है। इसके अलावा अलग-अलग वस्तुओं के लिए अलग-अलग टैक्स अधिसूचित किया जाएगा। टैक्स चार से पांच प्रतिशत तक रखा जाएगा।
डेढ़ साल से विरोध कर रहे थे कारोबारी
शिमला। हिमाचल के कारोबारी ऑनलाइन शॉपिंग के खिलाफ बीते डेढ़ साल से लामबंद हैं। कारोबारियों का तर्क है कि ऑनलाइन शॉपिंग के चलते स्थानीय कारोबारियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है। ऑनलाइन कंपनियां सरकार के राजस्व को चूना लगा रही हैं।
शिमला व्यापार मंडल के अध्यक्ष इंद्रजीत सिंह ने ऑनलाइन शापिंग कंपनियों पर एंट्री टैक्स लगाने के फैसले का स्वागत करते हुए मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और आबकारी एवं कराधान मंत्री प्रकाश चौधरी का आभार जताया है।