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प्रतिबंधित रोड परमिट मामले में फिर हाईकोर्ट जाएगी सरकार

Fri, 04 Dec 2015 09:50 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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राजधानी शिमला की सील्ड और प्रतिबंधित सड़कों पर परमिट जारी करने के नए आदेशों से राजधानी की कई सड़कों पर वाहनों की आवाजाही अब पहले की तरह नहीं हो पा रही है। हिमाचल सरकार अब फिर से हाईकोर्ट में इस आदेश को संशोधित करने का आग्रह करेगी। सदन में शिमला के भाजपा विधायक सुरेश भारद्वाज की ओर से लाए ध्यानाकर्षण प्रस्ताव पर अपने जवाब में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि सरकार विपक्ष के विधायक सुरेश भारद्वाज ने एक गंभीर मामला सरकार के ध्यान में लाया।
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जनता, विधायकों आदि की सुविधाओं को हम नजरअंदाज नहीं कर सकते हैं। इससे वे खुद भी सहमत हैं। हाईकोर्ट के आदेश जल्दबाजी में आए हैं। सरकार इस मामले को हाईकोर्ट में रखेगी। आग्रह किया जाएगा कि प्रदेश उच्च न्यायालय पूर्व के आदेश को संशोधित करे। सरकार कानून बनाने पर भी विचार कर सकती है। हालांकि, ऐसी जरूरत महसूस नहीं हो रही है।भाजपा विधायक सुरेश भारद्वाज ने जब यह पूछा किया क्या हाईकोर्ट से फिर से निर्णय विपरीत आता है तो क्या सरकार सुप्रीम कोर्ट जाएगी।

इस पर वीरभद्र सिंह ने कहा कि सरकार के लिए सारे ऑप्शन खुले हैं। इससे पूर्व शिमला से भाजपा के विधायक सुरेश भारद्वाज ने कहा कि आज पार्किंग नहीं दिखाने पर शिमला में गाड़ियों का पंजीकरण नहीं हो रहा है। यह पूरे देश में हो सकता है लेकिन शिमला में नहीं हो सकता है। मेट्रोपोल विधायकों का निवास स्थान है लेकिन न तो माल रोड की ओर और न ही लिफ्ट की तरफ वाहनों की पार्किंग की जा पा रही है। शिमला क्लब से लेकर लिफ्ट तक के क्षेत्र में केवल गाड़ी ले जाने की मंजूरी है।
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इसके अलावा जो लोग इस क्षेत्र में रहते हैं वे न तो गाड़ियां ले जा पा रहे हैं और न ही उनका पंजीकरण ही कर पा रहे हैं। गौरतलब है कि राजधानी के कुछ मार्गों पर वाहनों की आवाजाही आम लोगों की सुविधा लिए बंद कर रखी है। कुछ मार्गों पर वाहनों को बिना परिमट नहीं गुजरने दिया जाता। यहां से बिना परमिट के गुजरने वाहनों के पुलिस चालान काटती है। इस मुद्दे को लेकर समय-समय पर शिमला शहर में विवाद भी होते रहे हैं। कुछ लोग यहां वाहनों के आवागमन की मंजूरी जाते हैं तो कुछ इसका विरोध भी करते हैं।
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