प्रदेश आवास एवं शहरी विकास प्राधिकरण महासंघ (हिमुडा) प्रदेश सरकार के खिलाफ भड़क गया है। महासंघ का कहना है सरकार कर्मचारियों की मांगों को अनदेखा कर रही है। स्टाफ आधे से भी कम है, लेकिन सरकार कर्मचारियों को सरप्लस करने पर तुली है।
हिमुडा के कर्मचारियों को सेवा विस्तार से परे रख दिया है। प्रदेश के सभी विभागों और बोर्डों में कर्मचारियों पर एक साल का सेवा विस्तार की शर्त लागू कर दी है, लेकिन हिमुडा में कर्मचारियों के ये लाभ नहीं दिया गया है। जुलाई के अंत में हिमुडा से दो कर्मचारी बिना सेवा विस्तार के रिटायर हो गए।
हिमुडा से मिली जानकारी के मुताबिक सरकार ने हिमुडा के 184 सरप्लस कर्मचारियों से विभागों में जाने की ऑप्शन मांग ली है। इनसे पूछा है कि वह किस विभाग में सेवाएं देने की इच्छा रखते हैं। हालांकि, अभी किसी भी कर्मचारी ने हिमुडा को ऑप्शन नहीं दी है।
महासंघ का कहना है कि हिमुडा में पहले की स्टाफ कम है। इन कर्मचारियों के जाने से कार्यालय का कामकाज ठप हो जाएगा। कर्मचारी का पद भले ही छोटा हो, लेकिन काम वरिष्ठ सहायकों का लिया जा रहा है। हिमुडा कर्मचारी महासंघ के अतिरिक्त महामंत्री अमीचंद ने बताया कि कर्मचारियों की ये दो मुख्य मांगें हैं, लेकिन इस पर सरकार गौर नहीं कर रही है।
सरकार कर्मचारियों को यहां से भेजने में लगी है। सरकार ने जब से विभागों में तैनात कर्मचारियों को एक साल का सेवा विस्तार लागू किया है, तब से हिमुडा कर्मचारियों को भी ये राहत मिलनी चाहिए। अगर ऐसा नहीं होता है तो महासंघ को मजबूरन दूसरा रास्ता अपनाना पड़ेगा।