हिमाचल प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ रही बेटियों के लिए दशकों पहले शुरू की गई अटेंडेंस स्कॉलरशिप पहली बार बढ़ने जा रही है। बेटियों के इस वजीफे को 25 गुणा तक बढ़ाने की तैयारी है। ‘बेटियों को हर महीने सिर्फ दो रुपये वजीफा दे रही हिमाचल सरकार’ शीर्षक से अमर उजाला में खबर छपने के बाद सरकार और अफसरशाही हरकत में आई है।
विभाग ने अब पहली से पांचवीं कक्षा तक की छात्राओं को 90 प्रतिशत हाजिरी पूरी करने पर दी जाने वाली सालाना 20 रुपये वजीफा राशि को 300 से 500 रुपये तक बढ़ाने का प्रस्ताव तैयार किया है। इसे लेकर बुधवार को लोहड़ी पर्व पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों की सचिवालय में अतिरिक्त मुख्य सचिव शिक्षा पीसी धीमान के साथ बैठक हुई।
बैठक में रखा गया है ये प्रस्ताव
बैठक में शिक्षा निदेशालय की ओर से हाजिरी वजीफा को 300 रुपये से लेकर 500 रुपये तक करने का प्रस्ताव रखा गया। चर्चा के बाद इसे राज्य सरकार की अंतिम मंजूरी को भेजा गया है। बैठक में प्रारंभिक शिक्षा निदेशक डा. आरके परुथी, अतिरिक्त निदेशक आशीष कोहली, संयुक्त निदेशक उच्च शिक्षा डा. एमएस नेगी सहित शिक्षा विभाग के कई अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
क्या है अटेंडेंस स्कॉलरशिप
पहली से पांचवीं कक्षा में सालाना 90 फीसदी हाजिरी होने पर सरकार 20 रुपये छात्रवृत्ति देती है। हर साल 30 से 32 हजार लड़कियों को अटेंडेंस स्कॉलरशिप दी जाती है। दो महीने प्रदेश में स्कूल बंद रहते हैं। ऐसे में सरकार दस महीने का ही वजीफा देती है। इसे दशकों से बढ़ाया नहीं गया है।
अन्य छात्रवृत्तियों में भी होगा इजाफा, सरकार को भेजा प्रस्ताव
सचिवालय में हुई समीक्षा बैठक में आईआरडीपी से संबंधित स्कूल और कॉलेज के छात्रों को मिलने वाली छात्रवृत्ति राशि को भी बढ़ाने पर चर्चा हुई। उच्च शिक्षा निदेशालय ने इसमें 10 से 15 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव सरकार को भेजा।
नवमी और दसवीं कक्षा के विद्यार्थियों को 300 रुपये और छात्राओं को 600 रुपये, जमा एक और जमा दो के छात्र-छात्राओं को 800 रुपये और कॉलेज में पढ़ने वाले छात्र-छात्राओं को 1200 रुपये वजीफा दिया जाता है। बैठक में माध्यमिक मेधावी छात्र योजना सहित केंद्र सरकार की विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं की भी समीक्षा की गई।