इन साइटों से 11.7 करोड़ का राजस्व आया है, जबकि अन्य साइटों का चिह्नित किया जा रहा है। नियमों में बदलाव से सरकार को सालाना राजस्व 200 के 300 करोड़ पहुंचने की उम्मीद है। अतिरिक्त मुख्य सचिव आरडी धीमान ने बताया कि अवैध खनन रोकने के लिए भारी जुर्माने का प्रावधान किया है।
खनन से राजस्व बढ़ाने की प्रक्रिया का सरलीकरण किया गया है। क्रशर और खनन संबंधित आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन कर दी है। इसके साथ नई खनन साइटों का चिह्नित किया जा रहा है।
खनन के लिए अब सरकारी भूमि को लीज पर नहीं दिया जाएगा। रसूखदार क्रशर मालिक सरकार से लीज पर भूमि लेकर मनमाना दोहन करते रहे हैं। अब खनन के लिए चिन्हित पट्टों को खुली बोली पर निविदा के माध्यम से दिया जाएगा। इसके लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया रहेगी। एसडीएम स्तर तक ऑनलाइन ही स्वीकृति देने का प्रावधान रहेगा।
अब सड़क निर्माण के दौरान निकलने वाले खनिज के लिए नियम सरल किए गए हैं। लोक निर्माण विभाग एवं अन्य सरकारी निर्माण एजेंसियां खुदाई में निकलने वाले खनिज के लिए क्रशर लगा सकेंगी। क्रशर का इस्तेमाल केवल सड़क निर्माण में किया जाएगा।
- अवैध क्रशरों और खनन पर पांच लाख जुर्माना
- अवैध खनन सामग्री पर प्रति टन 400 से बढ़ाकर 500 रुपये जुर्माना
- नदी किनारे खनन करती मशीन पर 25 हजार से पचास हजार पेनल्टी
- अवैध खनन सामग्री स्टोर करने पर 25 हजार के बजाय 50 हजार जुर्माना