हिमाचल में अभी होमगार्ड की सैलरी बढ़े कुछ दिन ही हुए थे कि सरकार का नया फरमान आ गया। इससे इनकी नौकरी पर संकट पैदा हो गया है। प्रदेश सरकार के सभी विभागों में अब सुरक्षा व्यवस्था निजी एजेंसियां संभालेंगी।
गृह विभाग ने इस संबंध में सभी विभागाध्यक्षों को आदेश जारी किए हैं। आदेश में कहा गया है कि सरकार ने निर्णय किया है कि अब सुरक्षा के कामों के लिए निजी एजेंसियों को आउटसोर्स किया जाएगा।
साथ ही यह भी कहा गया है कि सभी विभागाध्यक्ष संबंधित अधिकारियों को यह जरूरी निर्देश जारी कर दें। इस आदेश के बाद से प्रदेश के करीब सात हजार होमगार्डों की नौकरी पर संकट आ गया है।
होमगार्ड की नौकरी पर बना संकट, ये पड़ेगा असर
ऐसा इसलिए है क्योंकि अभी तक इन सभी विभागों में सुरक्षा कार्यों के लिए होमगार्डों को आउटसोर्स किया जाता था। लेकिन हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बाद राज्य सरकार ने होमगार्डों का मानदेय बढ़ाने के आदेश जारी किए। लेकिन अब नए आदेश यह भी जारी कर दिए हैं कि सुरक्षा कार्यों के लिए निजी सुरक्षा एजेंसियों से मदद ली जाए।
क्या होगा आदेश का असर
गृह विभाग के इस आदेश का असर सीधे तौर पर हिमाचल प्रदेश के होमगार्डों पर पड़ेगा। दरअसल, अभी तक राज्य सरकार के जेल, पुलिस, स्वास्थ्य विभाग, परिवहन, सचिवालय जैसे कई महकमों में सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े कार्यों के लिए पुलिस के अलावा होमगार्डों की तैनाती की जाती थी।
लेकिन अब चूंकि सरकार की ओर से गृह विभाग ने आदेश जारी किए हैं ऐसे में सभी विभाग निजी सुरक्षा एजेंसियों से काम लेंगे।
स्वास्थ्य विभाग ने पहले ही बंद कर दी है ड्यूटियां
होमगार्डों को औसतन तीन सौ दिन की ड्यूटी मिला करती थी। लेकिन कुछ समय पहले स्वास्थ्य विभाग ने होमगार्डों से सेवाएं लेना बंदर कर दिया था। होमगार्ड विभाग के सूत्रों का कहना था कि होमगार्डों के भत्ते बढ़ने से सरकार पर बढ़ने वाले बोझ को देखते हुए यह निर्णय लिया गया था।
क्या कहते हैं होमगार्ड
राज्य होमगार्ड वेलफेयर एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने राज्य सरकार के इस फैसले पर नाराजगी जताई है। संगठन के प्रकाश नेगी ने सरकार पर होमगार्ड विरोधी आदेश जारी करने का आरोप लगाते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की है। सरकार को अपने फैसले पर दोबारा विचार करना चाहिए।