शहरी क्षेत्रों के प्राथमिक स्कूलों में बीते लंबे अरसे से अपने प्रभाव के चलते डटे शिक्षकों का ट्रांसफर कर दिया गया है।
हिमाचल के शहरी क्षेत्रों के प्राथमिक स्कूलों में बीते लंबे अरसे से अपने प्रभाव के चलते डटे शिक्षकों का ट्रांसफर कर दिया गया है। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने चंबा और कुल्लू जिलों में इन शिक्षकों का युक्तिकरण किया है। करीब 250 शिक्षकों को स्टाफ की कमी से जूझ रहे स्कूलों में भेज दिया है।
प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने शिक्षकों के तबादला आदेश भी जारी कर दिए हैं। विद्यार्थी और शिक्षक अनुपात के आधार पर नियुक्तियां की गई हैं। ऊना, शिमला और सोलन जिलों की सूचियां भी तैयार हो चुकी हैं। जल्द ही इन तीन जिलों से भी करीब 300 शिक्षकों को युक्तिकरण के तहत बदला जाएगा।
अतिरिक्त प्रारंभिक शिक्षा निदेशक आशीष कोहली ने इसकी पुष्टि की है। प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में स्थित स्कूलों में शिक्षकों की काफी कमी है। जबकि शहरी क्षेत्रों में स्थित स्कूलों में राजनीतिक पहुंच के चलते शिक्षक सरप्लस हैं। कई स्कूलों में विद्यार्थी-शिक्षक अनुपात का पालन नहीं हो रहा है।
इन जिलों में भी जल्द होंगे तबादले
शिमला के 150, सोलन के 100 और ऊना जिला के 60 शिक्षकों को बदलने की तैयारी है।
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मुख्यमंत्री कई बार शिक्षकों का युक्तिकरण करने को कह चुके हैं। बीते साल जिला हमीरपुर और बिलासपुर में शिक्षकों का युक्तिकरण हुआ था। शिमला, सोलन, ऊना, चंबा और कुल्लू जिलों के स्कूलों में तैनात सरप्लस शिक्षकों को बदलने के लिए विभाग सुस्त कार्यप्रणाली अपना रहा था।
बीते माह विधानसभा में भी सरप्लस शिक्षकों के कारण अन्य स्कूलों में पढ़ाई बाधित होने का मामला उठने के बाद प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय हरकत में आया। निदेशालय ने चंबा के 140 और कुल्लू के 92 शिक्षकों को ट्रांसफर कर दिया है। शिमला के 150, सोलन के 100 और ऊना जिला के 60 शिक्षकों को बदलने की तैयारी है। सरप्लस शिक्षकों को गांवों में स्थित स्कूलों में नियुक्त किया गया है।
यह है शिक्षक-विद्यार्थी अनुपात
विद्यार्थी शिक्षक
1 से 60 2
61 से 90 3
91 से 120 4