सरकार के दरवाजे बातचीत के लिए खुले
उधर, अतिरिक्त मुख्य सचिव राजस्व ओंकार शर्मा ने कहा है कि कानूनगो और पटवारियों को ऑनलाइन सेवाएं शुरू करने को कहा गया है। कहा कि सरकार के दरवाजे बातचीत के लिए खुले हैं। किसी भी सरकारी कर्मचारी की ओर से कोई भी कार्रवाई जो हिमाचल प्रदेश की आम जनता के हितों के खिलाफ है, सरकार को स्वीकार नहीं है। उन्होंने कहा कि लोगों को परेशानी न हो, इसके चलते जिला उपायुक्तों को कार्रवाई के सख्त निर्देश दिए गए हैं।
मांगें नहीं मानीं तो पेनडाउन हड़ताल
पटवारी-कानूनगो संघ के प्रदेशाध्यक्ष सतीश चौधरी ने कहा है कि प्रदेश सरकार की धमकियों से डरने वाले नहीं हैं। पटवार सर्किल में न ब्रॉडबैड है, न ही प्रिंटर। ऐसे में लोगों को ऑनलाइन कैसे सेवाएं दे सकते हैं। कहा कि प्रदेश सरकार ने पटवारी-कानूनगो का स्टेट कैडर किया है। सरकार का यह फैसला कर्मचारियों को मंजूर नहीं है। प्रदेश में जिन पटवारी, कानूनगो के पास सर्किल का अतिरिक्त कार्यभार था, उसकी चाबियां तहसीलदार को सौंप दी गई हैं। अगर सरकार मांगें नहीं मानती है तो पेनडाउन हड़ताल होगी।