हिमाचल सरकार ने एचपीसीए की ओर से वर्ष 2014 के लिए जमा करवाई गई करीब 27 लाख रुपए की सालाना लीज मनी लौटा दी है।
धर्मशाला के खनियारा में बनाए गए होटल पवेलियन की लीज के बदले 27.03 लाख रुपये का चेक एचपीसीए ने डीसी कांगड़ा को भेजा था।
कलेक्टर होने के नाते डीसी को ये राशि सरकारी कोषागार में जमा करवानी थी, लेकिन डीसी ने इस पत्र के साथ चेक लौटा दिया है कि केस कोर्ट में है। मसला सबजुडिस होने के कारण वह ये धनराशि नहीं ले सकते।
16 दिसंबर 2009 को लीज पर दी थी जमीन
धर्मशाला के पास मौजा खनियारा में एचपीसीए को 3.28 हेक्टेयर भूमि पूर्व भाजपा सरकार के समय 16 दिसंबर 2009 को लीज पर दी गई।
एचपीसीए ने पहले तीन साल 13.40 लाख रुपये सालाना लीज मनी अदा की। 2011 में नए लीज रूल्स बनने के बाद लीज मनी बढ़कर 27.03 लाख रुपये हो गई।
2012-13 में ये राशि सरकार को क्रिकेट एसोसिएशन ने दी, लेकिन 2013-14 के लिए दी गई राशि नहीं ली गई। इसी होटल पवेलियन को बनाने के लिए पेड़ों के अवैध कटान के आरोपों पर एचपीसीए पर एक एफआईआर भी दर्ज है।
कोर्ट में चल रहा है यह मामला
एचपीसीए प्रवक्ता मोहित सूद ने बताया कि क्रिकेट एसोसिएशन को ये धनराशि जमा करवाने के लिए पहले चालान नहीं दिया गया। जब चेक से भुगतान किया तो डीसी कांगड़ा ने इसे लौटा दिया।
हालांकि, इस बारे में न तो कोर्ट से कोई आदेश है, न ही राज्य सरकार से। दूसरी ओर, डीसी कांगड़ा सी. पालरसु ने बताया कि मसला कोर्ट में होने के कारण लीज मनी को लंबित रखा गया है।
26 अक्तूबर 2013 की रात को स्टेडियम के ताले तोड़ने का कदम उलटा पड़ने के बाद 18 नवंबर, 2013 को राज्य सरकार ने लीज रद्द करने का आदेश वापस ले लिया था।
इससे लीज भी खुद रिन्यू हो गई, लेकिन जिला कलेक्टर ने इसके बावजूद ये धनराशि नहीं ली। बताया जा रहा है कि डीसी कांगड़ा ने एचपीसीए से चेक आने के बाद राज्य सरकार से इस बारे में राय ली थी।
नए लीज रूल्स लागू होने से बढ़ेगी धनराशि
हिमाचल सरकार ने लोकसभा चुनावों की घोषणा से पहले राज्य में नए लीज रूल्स लागू कर दिए हैं।
इनमें प्रावधान है कि लीज पर जमीन मार्केट वैल्यू की 10 फीसदी दर पर दी जाएगी और हर 5 साल बाद 5 फीसदी वृद्धि होगी।
पहले यह दर मार्केट वैल्यू का 5 फीसदी थी और हर 5 साल बाद 5 फीसदी बढ़ोतरी होगी। नए नियम लागू होते ही एचपीसीए की लीज मनी भी बढ़ेगी।