हिमाचल मूल के विद्यार्थियों के लिए अब उच्च शिक्षा प्राप्त करने की राह आसान हो गई है। एक साल से फाइलों में बंद पड़ी मुख्यमंत्री ज्ञानदीप योजना को जयराम सरकार ने दोबारा शुरू कर दिया है। योजना के तहत विद्यार्थियों को दस लाख तक ऋण लेने के लिए ब्याज पर चार फीसदी की छूट मिलेगी।
ऋण लेने के लिए विद्यार्थी किसी भी राष्ट्रीयकृत बैंक की शाखा में आवेदन कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ज्ञानदीप योजना के तहत व्यावसायिक, तकनीकी और उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए विद्यार्थियों को अधिकतम दस लाख रुपये तक ऋण दिया जाएगा। ऋण लेने के लिए देश में कहीं भी स्थित मान्यता प्राप्त संस्थान से पढ़ाई करना अनिवार्य किया गया है।
कोर्स पूरा होने के एक साल बाद ऋण की वसूली होगी। मुख्यमंत्री ज्ञानदीप योजना के तहत यूको बैंक को नोडल बैंक बनाया गया है। ऋण लेने के लिए विद्यार्थी किसी भी राष्ट्रीयकृत बैंक में आवेदन कर सकते हैं। ब्याज पर सब्सिडी देने वाले बैंकों को सरकार अदायगी करेगी। बैंकों को यूको बैंक के पास आवेदन करना होगा। यूको बैंक के माध्यम से केस सरकार को भेजे जाएंगे।
सरकार साल में दो बार अप्रैल और सितंबर महीने में बैंकों को अदायगी करेगी। बैंक विद्यार्थियों से ऋण की वसूली कोर्स समाप्त होने के एक बाद शुरू करेंगे। उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. अमरजीत कुमार शर्मा ने बताया है कि योजना से संबंधित सभी नियम निदेशालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है।