खराब रिजल्ट वाले शिक्षकों के जवाब से सरकार संतुष्ट नहीं है।
खराब रिजल्ट वाले शिक्षकों के जवाब से सरकार संतुष्ट नहीं है। वीरवार को सचिवालय में अतिरिक्त मुख्य सचिव शिक्षा पीसी धीमान की अध्यक्षता में हुई बैठक में खराब रिजल्ट के कारणों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।
शुक्रवार को फैसला लिया गया कि उच्च शिक्षा निदेशालय से शिक्षकों की ओर से दिए जवाबों का मूल्यांकन करवाया जाएगा। शिक्षा निदेशालय को मूल्यांकन करने के आदेश जारी कर दिए हैं। अब बेहतर रिजल्ट देने वाले स्कूलों से खराब रिजल्ट देने वाले स्कूलों के कारणों की तुलना की जाएगी।
दो सप्ताह में इस प्रक्रिया को पूरा करने के आदेश दिए गए हैं। अतिरिक्त मुख्य सचिव शिक्षा पीसी धीमान ने बताया कि शिक्षकों के जवाब संतोषजनक नहीं है। इनका मूल्यांकन करवाया जाएगा।
दसवीं और जमा दो कक्षा का रिजल्ट खराब रहने पर सरकार ने शिक्षकों, प्रिंसिपलों को नोटिस जारी किए थे। शून्य रिजल्ट वाले स्कूलों और 25 प्रतिशत से कम परिणाम देने वाले शिक्षकों से जवाबतलबी हुई थी।
वीरवार को शिक्षकों के जवाबों पर सचिवालय में मंथन किया गया। शिक्षकों ने खराब रिजल्ट रहने के लिए रिक्त पदों, एसएमसी, पीटीए से नियुक्ति, स्कूल भवन खस्ताहाल होने, बीच सत्र में तबादले होने को मुख्य कारण बताया है।
ऐसे में अब शिक्षा विभाग ने फैसला लिया है कि जिन स्कूलों का रिजल्ट बेहतर रहा है, क्या वहां भी इस तरह की समस्याएं पेश आई या नहीं? इस रिपोर्ट के आधार पर अब आगामी कार्रवाई की जाएगी।