इसके चलते इन पर कार्रवाई की गई थी।अब सरकार इन होटलों को दोबारा चालू करने के लिए नियमों में संशोधन करने जा रही है। हिमाचल में सरकार ने भले ही अवैध भवन मालिकों पर कोई कार्रवाई न की हो, लेकिन टीसीपी नियम में संशोधन होने से इन लोगों को भी फायदा होगा।
प्रदेश में जिन भवनों का नक्शा पास है, लेकिन भवन निर्माण के दौरान भवन मालिकों ने अतिक्रमण किया है, ऐसे लोग भी इस अवैध निर्माण को सरेंडर करवा कर सरकार से मूलभूत सुविधाएं ले सकेंगे। हालांकि सरकार ने इसके पीछे तर्क दिया है कि अवैध भवन मालिकों पर सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की है। उनके बिजली और पानी के कनेक्शन नहीं काटे हैं।
3 फरवरी को संशोधन को दी है मंजूरी
धर्मशाला में इसी माह शनिवार 3 फरवरी को हुई कैबिनेट की बैठक में नियमों में संशोधन को मंजूरी दी गई है। प्रस्तावित संशोधन के अनुसार होटल का अवैध निर्माण वाला हिस्सा तो सील रहेगा, लेकिन बाकी एरिया में सरकार बिजली-पानी जैसी सभी मूलभूत सेवाएं उपलब्ध करवा देगी।